गोरेगांव और मालाड के बीच रेलवे की जमीन अतिक्रमण मुक्त, 1500 वर्ग मीटर भूमि पर चला बुलडोजर

कन्हैयालाल दुबे 
मुंबई: पश्चिम रेलवे ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए गोरेगांव और मालाड स्टेशनों के बीच एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत रेलवे की करीब 1,500 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। यह जमीन हार्बर लाइन के विस्तार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

36 पक्के और 24 अस्थायी ढांचे तोड़े गए
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गोरेगांव–मालाड के बीच पूर्व दिशा में रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध निर्माण हो गए थे। यहां कुल 36 पक्के और 24 अस्थायी ढांचे बने हुए थे। प्रशासन ने भारी सुरक्षा बल के साथ कार्रवाई शुरू की और शाम तक 26 पक्के निर्माणों को जेसीबी की मदद से ढहा दिया।

भारी पुलिस बल की तैनाती
इस अभियान के दौरान किसी भी विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कार्रवाई में शहर पुलिस के 168 जवान, आरपीएफ के 25, जीआरपी के 65 जवान और रेलवे के 80 कर्मचारी तैनात किए गए थे। मलबे को हटाने के लिए 3 जेसीबी मशीनें और 3 डंपर का इस्तेमाल किया गया।
हार्बर लाइन के विस्तार के लिए जरूरी थी जमीन
रेलवे का कहना है कि यह जमीन हार्बर लाइन के विस्तार के लिए बहुत जरूरी थी। इस परियोजना के पूरा होने से रेल सुविधाओं का विकास होगा और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और विकास कार्यों के लिए रेलवे की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
बता दें कि इससे पहले बांद्रा पूर्व के गरीब नगर इलाके में भी पश्चिम रेलवे ने इसी तरह अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। प्रशासन के इस सख्त रुख से अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है।