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यूपी में पंचायत चुनाव की तस्वीर साफ: जुलाई 2026 तक संपन्न होगी चुनावी प्रक्रिया

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर लंबे समय से जारी ऊहापोह और अटकलों पर सरकार ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्पष्ट घोषणा की है कि प्रदेश में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 तक हर हाल में संपन्न करा लिए जाएंगे। सरकार का यह निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यकाल विस्तार पर रोक, समयसीमा तय मंत्री राजभर ने स्पष्ट किया कि यद्यपि ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों के कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहे हैं, लेकिन किसी भी प्रतिनिधि का कार्यकाल जुलाई 2026 की समयसीमा से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक मशीनरी और राज्य निर्वाचन आयोग को इस डेडलाइन के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन और आरक्षण नीति ओबीसी आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। आगामी कैबिनेट...

गाजियाबाद: 'स्मार्ट सिटी' के दावों को मुंह चिढ़ाते खुले नाले और अवैध विज्ञापनों का अंबार।।

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गाजियाबाद (विशेष संवाददाता): विकास की अंधी दौड़ में गाजियाबाद के कुछ इलाकों की जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। डुंडाहेड़ा अंडरपास के पास की स्थिति इसका जीता-जागता प्रमाण है। यहाँ न केवल नालों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, बल्कि खुले नाले और अवैध विज्ञापनों के ढेर ने राहगीरों की जान को भी जोखिम में डाल दिया है। गंदगी का अंबार, बीमारियों को दावत डुंडाहेड़ा अंडरपास के समीप स्थित नाले लंबे समय से कचरे, प्लास्टिक और मलबे से पटे पड़े हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि महीनों से नालों की सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा होने लगा है। इस दूषित वातावरण से संक्रामक बीमारियों (जैसे मलेरिया, डेंगू) के फैलने का खतरा बढ़ गया है। 'स्वच्छ भारत अभियान' के नारों के बीच इस तरह की लापरवाही नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़ी करती है। खुले नाले: मौत को खुला आमंत्रण इस क्षेत्र में नालों के ऊपर कोई कवर या ढक्कन नहीं है। अंधेरे के समय यहाँ से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए ये नाले 'डेथ ट्रैप' (मौत का जाल)...

भदोही: सार्वजनिक संपत्ति को विरूपित कर रहे अवैध विज्ञापन, विद्युत विभाग और प्रशासन मौन।।

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भदोही । जनपद के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में सरकारी संपत्तियों पर अवैध रूप से विज्ञापन चस्पा करने और पेंटिंग करने का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। विशेष रूप से विद्युत विभाग के खंभों (बिजली के पोल) को निजी शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक फर्मों ने अपना प्रचार माध्यम बना लिया है। यह न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी विरूपित कर रहा है। नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां विद्युत सुरक्षा नियमों और ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम’ के तहत सरकारी संपत्तियों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाना या पेंटिंग करना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद, जनपद के दुल्हीपुर, पाली, सारीपुर और आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों बिजली के खंभों पर निजी स्कूलों के 'प्रवेश प्रारंभ' के विज्ञापन और व्यावसायिक सेवाओं के मोबाइल नंबर पेंट किए गए हैं। प्रमुख संस्थान घेरे में क्षेत्र में किए गए सर्वेक्षण और जुटाए गए साक्ष्यों के अनुसार, विजडम विंग्स पब्लिक स्कूल (सारीपुर), जे.डी. ग्रेटर पब्लिक स्कूल (पाली), एस.आर. ग्लोबल स्कूल (गणेशराय पुर), ए.एस. कॉन्वेंट ...

ज्ञानपुर में अवैध गैस रिफिलिंग गिरोह का पर्दाफाश: पूर्ति विभाग की बड़ी कार्रवाई

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भदोही । जनपद के ज्ञानपुर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग के काले कारोबार के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। पूर्ति विभाग की टीम ने एक सुनियोजित छापेमारी के दौरान 'आनंद किचन सर्विस' पर दबिश देकर घरेलू गैस के दुरुपयोग का भंडाफोड़ किया। इस मामले में विभाग ने भारी मात्रा में सामग्री जब्त करते हुए आरोपी के विरुद्ध कानूनी शिकंजा कस दिया है। छापेमारी में अवैध उपकरणों का जखीरा बरामद पूर्ति विभाग को लंबे समय से क्षेत्र में व्यावसायिक लाभ के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग की सूचना मिल रही थी। सूचना की सत्यता की पुष्टि होने पर टीम ने आनंद किचन सर्विस पर औचक छापेमारी की। तलाशी के दौरान मौके से 12 घरेलू गैस सिलेंडर और 9 छोटे सिलेंडर बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, रिफिलिंग में प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, गैस हस्तांतरण के अवैध उपकरण और चौंकाने वाली बात यह है कि 53 गैस पासबुक भी जब्त की गई हैं। विधिक कार्रवाई और प्रशासन का रुख अवैध रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते ...

खाकी की आड़ में 'डिजिटल उगाही' का खेल: सुरियावां पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

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भदोही । जनपद के सुरियावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत पट्टी बेजाव गांव में पुलिस के नाम पर धन उगाही की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। तकनीक का सहारा लेकर निर्दोष ग्रामीणों को भयभीत करने वाले इस 'डिजिटल सिंडिकेट' ने पुलिस प्रशासन की चौकसी पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पुराने नोटिस का डर दिखाकर वसूली का प्रयास जानकारी के अनुसार, पट्टी बेजाव निवासी पीड़ित विपिन को मोबाइल नंबर +91 63895 36359 से एक कॉल प्राप्त हुई। फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने स्वयं को सुरियावां थाने का सिपाही बताते हुए पुराने नोटिस और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। आरोपी ने मामले के रफा-दफा करने के नाम पर अवैध धनराशि की मांग की। हालांकि, पीड़ित की सूझबूझ और सजगता के कारण यह ठगी सफल नहीं हो सकी, लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। न्याय की गुहार: "डिजिटल अरेस्ट" की साजिश से सहमा पीड़ित पीड़ित विपिन ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 10 दिसंबर को उसे थाना प्रभारी के नाम पर 'डिजिटल अरेस्ट' करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया गया था। पीड़ित ने कहा, ...

सरकारी दावों की खुली पोल: 12 वर्षों से फाइलों में दफन है दिव्यांग की आस

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भदोही के भिड़िउरा गांव में बदहाली का शिकार एक परिवार; आवास और राशन कार्ड के लिए काट रहे सरकारी दफ्तरों के चक्कर भदोही (ज्ञानपुर): डिजिटल इंडिया और 'सबका साथ-साथ विकास' के नारों के बीच जमीनी हकीकत आज भी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जनपद के ज्ञानपुर विधानसभा अंतर्गत भिड़िउरा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति पिछले 12 सालों से बुनियादी सुविधाओं के लिए सिस्टम की चौखट पर सिर पटक रहा है, लेकिन उसे आश्वासन के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ। कच्चे मकान में गुजर-बसर, बारिश में टपकती छत पीड़ित नितिन कुमार पांडे ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। उनका घर जर्जर अवस्था में है, जहाँ छत से पानी टपकता है और दीवारें कभी भी गिर सकती हैं। 2013 में तत्कालीन जिलाधिकारी को लोहिया आवास योजना के तहत आवेदन देने के बावजूद आज तक उन्हें पक्का आवास नसीब नहीं हुआ। नितिन का कहना है कि "जब बारिश होती है, तो पूरा परिवार डर के साये में जीने को मजबूर होता है।" राशन कार्ड और शौचालय की सुविधा से भी वंचित विडंबना यह है कि पी...

गोपीगंज कोतवाली में जल संकट: 'आदर्श' थाने में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग, प्यास बुझाने को बाहर जाने की मजबूरी

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संवाददाता कन्हैयालाल दुबे  भदोही (गोपीगंज): गर्मी का पारा चढ़ते ही भदोही जनपद की आदर्श कोतवाली गोपीगंज में पानी की भारी किल्लत खड़ी हो गई है। कहने को तो यह 'आदर्श' कोतवाली है, लेकिन यहाँ की हकीकत यह है कि परिसर में लगा सरकारी नल (हैंडपंप) महीनों से खराब पड़ा है। प्यास से व्याकुल फरियादी और राहगीर पानी की एक बूंद के लिए भी तरस रहे हैं। क्या है जमीनी हकीकत? राष्ट्रीय राजमार्ग 19 (NH-19) पर स्थित इस कोतवाली में प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। गर्मी के इस मौसम में जब लोगों को ठंडे पानी की सख्त जरूरत है, तब थाने का नल सफेद हाथी बना खड़ा है। प्यास लगने पर शिकायतकर्ताओं को मजबूरन थाने से बाहर जाकर पानी की तलाश करनी पड़ती है। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ आम जनता और निचले स्तर के पुलिसकर्मी पानी के लिए भटक रहे हैं, वहीं सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अंदर अलग से पानी की व्यवस्था की गई है। एक तैनात सिपाही ने बताया कि यह समस्या कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदारों की चुप्पी संवाददाता कन्हैयालाल दुबे ने ...