"दुलहीपुर बाजार का अंधेरा: सरकारी संपत्ति के दुश्मन कौन?"
दुलहीपुर बाजार: प्रशासनिक उदासीनता और दबंगई की भेंट चढ़ी जनसुविधा, महीनों से अंधेरे में डूबा इलाका
संवाददाता महाकाल एक्सप्रेस
भदोही: जनपद के ज्ञानपुर ब्लॉक अंतर्गत दुलहीपुर बाजार में सरकारी धन से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें इन दिनों शो-पीस बनी हुई हैं। महीनों से बंद पड़ी इन लाइटों के कारण समूचा बाजार रात के अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों और दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दबंगई और लापरवाही का आलम
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बाजार में लगी स्ट्रीट लाइटों को कुछ प्रभावशाली दुकानदारों द्वारा अपनी निजी स्वार्थ सिद्धि के चलते जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की यह घटना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि जनहित के प्रति गहरी संवेदनहीनता को भी दर्शाती है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सुरक्षा पर मंडराता खतरा
अंधेरे का लाभ उठाकर बाजार में आपराधिक गतिविधियों और छिनैती जैसी वारदातों का भय लगातार बना रहता है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए रात के समय बाजार से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। सार्वजनिक संपत्ति के साथ की गई इस छेड़छाड़ ने न केवल विकास कार्यों को पलीता लगाया है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को भी राम भरोसे छोड़ दिया है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
इस गंभीर मामले को लेकर क्षेत्र के वरिष्ठ जागरूक नागरिक कन्हैयालाल दुबे ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री कार्यालय को औपचारिक शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल निष्पक्ष जाँच कराई जाए। साथ ही, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले अराजक तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए स्ट्रीट लाइटों को अविलंब दुरुस्त कराया जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस क्षेत्र को अंधकार से मुक्त कराकर दोषियों पर नकेल कसता है।