भदोही: सड़क निर्माण में बड़ा गबन,लाखों का भ्रष्टाचार, शिकायत कर्ता को धमकी,जिलाधिकारी से कार्यवाही की मांग,
सड़क के लिए आवंटित धनराशि का बंदरबांट: विभागीय मिलीभगत से मानकों को ताक पर रखकर की जा रही मनमानी
विशेष संवाददाता, भदोही
भदोही जनपद के ज्ञानपुर विकास खण्ड स्थित ग्राम पंचायत दुलहीपुर में सड़क निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का एक नया और गंभीर पहलू सामने आया है। स्थानीय पत्रकार कन्हैयालाल दुबे द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, निर्माण एजेंसी द्वारा न केवल गुणवत्ता से समझौता किया गया है, बल्कि सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए स्वीकृत मार्ग को ही बदल दिया गया है।
स्वीकृत मार्ग का अतिक्रमण, अन्यत्र सड़क का निर्माण
शिकायतकर्ता पत्रकार कन्हैयालाल दुबे ने खुलासा किया कि शासन द्वारा सड़क निर्माण का कार्य ज्ञानपुर–दुर्गागंज मार्ग से हृदयराज दुबे के घर तक के लिए प्रस्तावित था। किंतु, ठेकेदार शुक्ला और उसके प्रतिनिधि पाण्डेय ने विभागीय मिलीभगत का लाभ उठाते हुए इस स्वीकृत मार्ग पर घटिया तरीके से कार्य करने के बाद अपनी सुविधानुसार अन्यत्र स्थानों पर सड़क का निर्माण कर दिया है। यह बिना किसी प्रशासनिक प्रस्ताव या संशोधित अनुमति के किया गया निर्माण, सीधे तौर पर सरकारी धन के गबन का मामला है।
मानकों की धज्जियाँ और फर्जी रिपोर्ट
सड़क निर्माण में गुणवत्ता का आलम यह है कि 6 इंच के मानक के स्थान पर मात्र 3 इंच की सड़क बिछाई गई है। कार्यस्थल पर सफाई के अभाव में कंक्रीट का उपयोग करना और नालों के ऊपर बिना सुरक्षात्मक ढलाई के निर्माण करना, भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई (JE) ने मौके पर जाकर जमीनी हकीकत देखने के बजाय ठेकेदार को लाभ पहुँचाने के लिए फर्जी रिपोर्ट तैयार कर दी है, ताकि बिना काम पूरा हुए भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
दबाव और धमकी का खेल
इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध जब पत्रकार कन्हैयालाल दुबे ने आवाज उठाई, तो उन्हें लगातार प्रताड़ित और डराया जा रहा है। ठेकेदार के गुर्गों द्वारा उन्हें फोन पर धमकी दी जा रही है कि यदि शिकायत वापस नहीं ली गई तो उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसा दिया जाएगा। ठेकेदार का दावा है कि उसकी पहुंच शासन के बड़े नेताओं तक है, जिसके चलते प्रशासन का कोई भी अधिकारी उन पर कार्रवाई नहीं करेगा।
जिलाधिकारी से तत्काल जाँच और भुगतान रोकने की मांग
पत्रकार कन्हैयालाल दुबे ने जिलाधिकारी से इस पूरे प्रकरण में सख्त हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
1. भुगतान पर तत्काल रोक: जब तक सड़क की गुणवत्ता और निर्माण स्थल की भौतिक जाँच न हो जाए, तब तक ठेकेदार का कोई भी भुगतान न किया जाए।
2. कार्य के विचलन की जाँच: स्वीकृत मार्ग को छोड़कर अन्यत्र सड़क निर्माण के लिए उत्तरदायी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्यवाही की जाए।
3. जेई के अन्य कार्यों का ऑडिट: जेई और ठेकेदार शुक्ला द्वारा जनपद में कराए गए अन्य सभी निर्माण कार्यों की भी निष्पक्ष जाँच कराई जाए, ताकि भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुँचा जा सके।
न्याय की राह देख रहा दुलहीपुर
अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या जिला प्रशासन इन प्रभावशाली ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा या फिर मिलीभगत के चलते यह मामला फाइलों में ही दब जाएगा? स्थानीय नागरिक अब जिलाधिकारी से त्वरित और सख्त कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं।