जन स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु बड़ा फैसला: वसई-विरार में सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों को दाना खिलाने पर प्रतिबंध

निगम ने स्वच्छता और बढ़ती बीमारियों के खतरों के मद्देनजर लिया निर्णय; उल्लंघन करने वालों पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

संवाददाता कन्हैयालाल दुबे 

वसई विरार: नगर निगम (VVCMC) ने शहर के सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों, विशेषकर कबूतरों को, दाना खिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह कड़ा निर्णय नागरिकों द्वारा दुर्गंध, अस्वच्छता और जन स्वास्थ्य पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर लिया गया है। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले नागरिकों के खिलाफ अब दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अस्वच्छता और दुर्गंध: नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा
यह देखा गया था कि रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, मंदिरों, खाद्य दुकानों और झीलों के आस-पास के खुले स्थानों पर बड़ी मात्रा में पक्षियों का दाना फेंका जा रहा था। इसके परिणामस्वरूप, इन स्थानों पर पक्षियों के पंखों और बीट के जमावड़े से तीव्र दुर्गंध और गंभीर अस्वच्छता की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। बार-बार की सफाई के बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही थी, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। नागरिकों की लंबे समय से मांग थी कि शहर में भी इस पर रोक लगाई जाए।
कबूतरों की बीट से फैलते हैं गंभीर श्वसन रोग
वसई विरार शहर में छतों, चौकों और इमारतों के आंगनों में दाना खिलाने की प्रवृत्ति के कारण कबूतरों की संख्या में असामान्य वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, कबूतरों की बीट और पंखों में मौजूद जीवाणु और फफूंद कई संक्रामक रोगों को जन्म देते हैं। अस्थमा जैसे प्रमुख श्वसन रोगों के अलावा, फेफड़ों के संक्रमण, निमोनिया और अन्य श्वसन संबंधी विकार भी इनमें शामिल हैं।
मुंबई सहित अन्य शहरों में भी कबूतरों की बढ़ती आबादी जन स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। इनकी बीट से वायु प्रदूषित होती है, जिसका विशेष खतरा छोटे बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को होता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर बहस का असर
दादर के 'कबूतरखाना' में कबूतरों को खुले में दाना खिलाने के मुद्दे पर हुए विवाद का असर महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला है। इस बहस के बाद ही, बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने कबूतरों के पंख और बीट के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय लिया था।

निगम की अपील: सहयोग करें अन्यथा कार्रवाई होगी
नागरिकों की सुरक्षा और शहर की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए, नगर निगम ने शहर भर के सार्वजनिक खुले स्थानों पर नोटिस बोर्ड लगा दिए हैं, जिसमें पक्षियों को दाना न फेंकने की सख्त सलाह दी गई है। निगम ने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण नियम का पालन करने की अपील की है और स्पष्ट कर दिया है कि नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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