वकीलों के बीच विवाद ने लिया हिंसक मोड़: एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला और जातिसूचक धमकी का आरोप
मीरजापुर: जनपद में अधिवक्ताओं के बीच चल रहे चुनावी विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला किया गया। यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई, जहां अधिवक्ता ज्ञानचंद्र चतुर्वेदी ने अपने साथी अधिवक्ता अरविंद कुमार पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि यह हमला अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पिछले चार महीनों से चल रही तनातनी का परिणाम है।
जानलेवा हमला और तोड़फोड़ का आरोप
शिकायत पत्र में ज्ञानचंद्र चतुर्वेदी ने बताया है कि 30 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 1 बजे जब वह अपने चैंबर से निकलकर अपनी गाड़ी की तरफ जा रहे थे, तभी अरविंद कुमार ने पांच-छह अज्ञात लोगों के साथ उन पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले का मुख्य उद्देश्य उन्हें जान से मारना था। हमलावरों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनकी चार पहिया वाहन का शीशा भी तोड़ दिया। इसके अलावा, गाड़ी में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी फाड़ दिए गए।
जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी का आरोप
आरोप के अनुसार, हमले के दौरान अरविंद कुमार और उनके साथी लगातार ज्ञानचंद्र चतुर्वेदी को मां-बहन की भद्दी-भद्दी गालियाँ दे रहे थे। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि अरविंद कुमार ने बार-बार यह कहकर धमकाया कि वह अनुसूचित जाति (SC) से हैं और उन्हें झूठे एससी/एसटी मुकदमे में फंसाकर उनका करियर बर्बाद कर देंगे।
पुलिस से न्याय की गुहार
ज्ञानचंद्र चतुर्वेदी ने इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत के माध्यम से दी है। उन्होंने अपनी शिकायत में तत्काल मुकदमा दर्ज करने और अपने शरीर पर आई चोटों का मेडिकल मुआयना कराने की मांग की है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतियां पुलिस महानिदेशक, डीआईजी विंध्याचल परिक्षेत्र और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शहर को भी भेजी गई हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये सभी आरोप हैं और पुलिस की निष्पक्ष जाँच के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।
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