मिर्ज़ापुर के आदर्शग्राम सेमरी में भव्य तिरंगा यात्रा, युवाओं ने जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख
संवाददाता कन्हैयालाल दुबे
मिर्ज़ापुर, (15 अगस्त, 2025): 79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर, मिर्ज़ापुर के मझवां ब्लॉक स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक क्रांतिकारी गांव, आदर्शग्राम सेमरी में एक अभूतपूर्व और भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह पहली बार था जब युवा ब्राह्मणों और भूमिहार युवा ब्राह्मणों ने मिलकर राष्ट्रभक्ति की इस अलख को जगाया और गांव की सड़कों पर तिरंगे के सम्मान में पैदल मार्च किया।
यात्रा का मार्ग और उद्देश्य
यह तिरंगा यात्रा ग्राम के पहले मकान, वैभव सिंह के घर से शुरू हुई। देशभक्ति के नारों और जयघोष के साथ, यह यात्रा गगनपुरा से होते हुए, सेमरी खास जाने वाली पक्की सड़क से गुजरी। इसके बाद, तेलियान क्षेत्र से होकर पानी टंकी के पास पहुंची और पुनः खड़ंजा मार्ग पकड़कर BABN स्कूल पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एकजुट कर उनमें देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करना था।
आयोजन में युवाओं का योगदान
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कई युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तिरंगा यात्रा के मार्गदर्शक और संचालक के रूप में श्री रोशन हरिशंकर मिश्र और वैभव राकेश सिंह ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। वहीं, यात्रा के प्रेरक प्रणेता और संगठक शाश्वत भारतभूषण त्रिपाठी, यशवर्धन शशिमौली त्रिपाठी और शिवम इंद्रकुमार चौबे रहे। इनके प्रयासों से ही यह ऐतिहासिक यात्रा संभव हो पाई।
यात्रा को सफल बनाने में सहयोगियों की लंबी सूची रही, जिनमें राकेश दयाशंकर मिश्र (मोनू), विंध्यवासिनी गुलाबधर दुबे, रोहित कल्पनाथ त्रिपाठी, अमरेशचंद्र शेषधर दुबे, राजन रामसजीवन दुबे, देवानंद राजेंद्र प्रसाद मिश्र, प्रिंसकुमार सिंह, पंकज कुमार मिश्र, मणिशंकर अनिलकुमार चौबे, शैलेश देवेन्द्र प्रसाद मिश्र (रोशन) और गिरीश मारुतिशरण द्विवेदी जैसे युवा प्रमुखता से शामिल थे। इसके अलावा, मिश्रान गगनपुरा और सेमरी खास की तीनों ब्राह्मण बस्तियों के सभी युवा ब्राह्मणों ने इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया।
प्रशासन का सहयोग और ग्रामवासियों का आभार
यह तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हो सके, इसके लिए प्रशासन ने भी सराहनीय सहयोग दिया। भैंसा चौकी इंचार्ज राधेश्याम यादव और सिपाही राणा यादव के साथ-साथ दर्जनों सिपाही यात्रा में साथ रहे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। गांव के लोगों ने प्रशासन के इस सहयोग के लिए उनका हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया, जिससे यह संदेश गया कि जब जनता और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सकता है। यह तिरंगा यात्रा केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि सेमरी गांव के युवाओं में देशभक्ति की नई लहर का प्रतीक बन गई।
टिप्पणियाँ