भाजपा नेता को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश, पुलिस ने किया भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जनपद में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक भाजपा नेता और एक सरकारी वकील को झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की कोशिश की गई थी। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।
झूठे आरोपों का जाल
यह मामला तब सामने आया जब अयोध्या की एक महिला, सुमन पांडे ने भाजपा नेता वीरेंद्र शुक्ला और सरकारी वकील प्रवेश त्रिपाठी के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ।
परिवार के ही सदस्यों ने रची साजिश
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि भाजपा नेता को फंसाने की यह साजिश उनके अपने भाई अशोक शुक्ला और भतीजे कैलाशपति शुक्ला ने रची थी। इस षड्यंत्र में उनका एक साथी सुशील दुबे भी शामिल था। आरोपियों ने सुमन पांडे को पैसों का लालच देकर झूठी शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर किया था।
ब्लैकमेलिंग और संपत्ति विवाद का दोहरा मकसद
पुलिस के मुताबिक, इस साजिश के पीछे दो मुख्य उद्देश्य थे: पहला, भाजपा नेता से मोटी रकम वसूलना (हनीट्रैप) और दूसरा, अशोक शुक्ला पर चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़े मुकदमों को खत्म करने का दबाव बनाना। गिरोह ने ब्लैकमेलिंग के लिए एक पुराना ऑडियो भी वायरल करने की धमकी दी थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ता अशोक शुक्ला, उसके सहयोगी सुशील दुबे और महिला सुमन पांडे को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, अशोक शुक्ला का बेटा कैलाशपति शुक्ला अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को फंसाने की ऐसी कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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