इटहरा की धरती पर उमड़ा जनसैलाब, होली मिलन समारोह बना सामाजिक एकता की मिसाल
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे और भाजपा जिलाध्यक्ष ने दी शुभकामनाएं, लोकगायिका राखी द्विवेदी की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
भदोही (कन्हैयालाल दुबे)। जनपद के ज्ञानपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम इटहरा में रविवार को 'होली मिलन समारोह' का भव्य आयोजन पारंपरिक हर्षोल्लास और आपसी सौहार्द के साथ संपन्न हुआ। प्रमुख समाजसेवी चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी (गोरे) के संयोजन में आयोजित इस समारोह में राजनीति, समाजसेवा और कला जगत की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर क्षेत्रवासियों के बीच रंगों के इस पर्व की खुशियां बांटीं।
सुंदरकांड के पाठ से भक्तिमय हुआ वातावरण
समारोह का शुभारंभ आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुआ। दोपहर 12:00 बजे से अपराह्न 03:00 बजे तक आयोजित श्री सुंदरकांड पाठ ने पूरे परिवेश को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान जी की स्तुति कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात आयोजित सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक संध्या: लोकगीतों पर झूमे श्रोता
शाम 4:00 बजे से कार्यक्रम ने उत्सव का रूप ले लिया। 'राखी म्यूजिकल ग्रुप' के साथ पधारीं प्रसिद्ध लोकगायिका राखी द्विवेदी ने जैसे ही मंच संभाला, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने पारंपरिक फाग, चैता और होली के लोकगीतों की ऐसी झड़ी लगाई कि मुख्य अतिथियों सहित उपस्थित जनसमूह झूमने पर मजबूर हो गया। गीतों के माध्यम से ब्रज की होली और अवध के पारंपरिक उल्लास का सजीव चित्रण पेश किया गया।
राजनेताओं ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि होली का पर्व ऊंच-नीच और भेदभाव को मिटाकर गले मिलने का पर्व है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता का एक सशक्त माध्यम बताया। विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारी सांस्कृतिक विरासत जीवंत रहती है और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
कुशल प्रबंधन और भव्य प्रीतिभोज
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और प्रमुख समाजसेवी चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी (गोरे) ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की व्यवस्था में कैलाशनाथ त्रिपाठी और उमाकान्त त्रिपाठी की सक्रिय भूमिका रही। आयोजन के समापन पर एक विशाल प्रीतिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।
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