पालघर जिले में बड़े पैमाने पर तलाठियों का तबादला: प्रशासन में सुधार की उम्मीद
पालघर, [3 जून, 2025]: पालघर जिले में राजस्व विभाग के तलाठियों का बड़े पैमाने पर तालुका से बाहर तबादला कर दिया गया है। जिला कलेक्टर डॉ. इंदुरानी जाखड़ द्वारा उठाए गए इस कदम से कई लोग हैरान हैं, वहीं आम नागरिकों द्वारा इन तबादलों का स्वागत किया जा रहा है। हाल ही में जारी आदेशों के तहत, पालघर जिले के 37 तलाठियों का स्थानांतरण किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्राम स्तरीय प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता लाना है।
ऐतिहासिक निर्णय: वर्षों बाद हुआ तलाठियों का बड़ा तबादला
पालघर जिले के गठन के बाद से कई जिला कलेक्टर आए और गए, लेकिन किसी ने भी गांव स्तर पर सीधे जनता से जुड़े रहने वाले तलाठी संवर्ग के कर्मचारियों के तबादलों के मुद्दे को नहीं छुआ था। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में तलाठियों का तबादला किया गया है। चर्चा है कि इस तबादला प्रक्रिया में किसी का हस्तक्षेप नहीं रहा, जिसके परिणामस्वरूप कई कर्मचारियों को उनकी पसंद के विपरीत स्थानों पर भी स्थानांतरित किया गया है।
पारदर्शिता की कवायद: लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे तलाठियों पर कार्रवाई
राजस्व विभाग के ग्राम स्तरीय प्रशासन में पारदर्शिता को लेकर हमेशा से चर्चा होती रही है। पालघर तहसील कार्यालय में कुछ महत्वपूर्ण तलाठियों को स्थानांतरित कराने के लिए कई प्रयास किए जा रहे थे। इस बीच, यह भी देखा गया कि कुछ तलाठी नियमों का उल्लंघन करते हुए तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत थे। उनके कार्यप्रणाली को लेकर भी आपत्तियां थीं और कुछ मामलों में तहसीलदार तथा जिला कलेक्टर स्तर पर शिकायतें भी दर्ज की गई थीं। यह तबादले इन्हीं अनियमितताओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
प्रमुख तबादले: कौन कहाँ गया?
जिन तलाठियों का तबादला किया गया है, उनमें पालघर तालुका में कार्यरत उज्जवला पाटिल, मनीषा कांबले, नितिन सुर्वे, हितेश, और नीता साल्वे को वसई तालुका में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, सोपान पवार, हितेश राउत, और संजय चुरी को दहानू तालुका में भेजा गया है। माहिम में कार्यरत तलाठी रशीद अत्तार को सेवानिवृत्ति के अवसर पर सेवा विस्तार दिया गया है।
आम जनता में सकारात्मक प्रतिक्रिया: पसंदीदा स्थानों पर तबादले के प्रयास विफल
जिला कलेक्टर द्वारा किए गए इन तबादलों से राजस्व विभाग के ग्राम स्तरीय प्रशासन में सुधार आने की उम्मीद आम जनता ने जताई है। हर साल तबादला प्रक्रिया शुरू होने पर कर्मचारी अक्सर एक ही स्थान पर बने रहने या अपने निवास के नजदीक तबादला करवाने के लिए काफी प्रयास करते थे। हालांकि, जिला कलेक्टर के इस सख्त आदेश ने पसंदीदा स्थानों पर तबादला करवाने की कोशिश कर रहे कई कर्मचारियों के प्रयासों को विफल कर दिया है, जिससे यह संदेश गया है कि अब योग्यता और नियम ही प्राथमिकता होंगे।
वरीयता क्रम में स्थानांतरण: प्रदर्शन के आधार पर निर्णय
स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान, तबादले के लिए पात्र तलाठियों से अपनी प्राथमिकता वाले तीन स्थानों को सूचीबद्ध करने के लिए कहा गया था। यह देखा गया है कि कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए ही प्राथमिकता वाले स्थानों में से एक पर स्थानांतरण किया गया है। यह दर्शाता है कि तबादले केवल रोटेशन के लिए नहीं, बल्कि कार्यकुशलता और प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी किए गए हैं।
यह कदम पालघर जिले के राजस्व प्रशासन में एक नई सुबह का संकेत दे सकता है, जहाँ जवाबदेही और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बारे में आपके क्या विचार हैं?
टिप्पणियाँ