पालघर के शिक्षक पिता ने बेटे के पहले स्कूल दिवस को बनाया 'शाही' और यादगार: रोल्स रॉयस के साथ पहुंचे स्कूल
वसई, महाराष्ट्र: आमतौर पर बच्चों के स्कूल का पहला दिन रुदन और नए माहौल के प्रति हिचकिचाहट के साथ शुरू होता है,
लेकिन महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई शहर में एक शिक्षक पिता ने अपने बेटे के पहले स्कूल दिवस को यादगार बनाने के लिए एक ऐसा अनुपम प्रयास किया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।वसई के कमान इलाके में रहने वाले शिक्षक नमित भोईर ने अपने बेटे रेयांश के स्कूल के पहले दिन उसे किसी आम वाहन से नहीं, बल्कि एक शानदार रोल्स रॉयस और पांच अन्य सजी हुई कारों के शाही काफिले के साथ स्कूल छोड़ा। यह घटना न केवल अभिभावकों के अपने बच्चों के प्रति असीम प्रेम को दर्शाती है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।
लेकिन महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई शहर में एक शिक्षक पिता ने अपने बेटे के पहले स्कूल दिवस को यादगार बनाने के लिए एक ऐसा अनुपम प्रयास किया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।वसई के कमान इलाके में रहने वाले शिक्षक नमित भोईर ने अपने बेटे रेयांश के स्कूल के पहले दिन उसे किसी आम वाहन से नहीं, बल्कि एक शानदार रोल्स रॉयस और पांच अन्य सजी हुई कारों के शाही काफिले के साथ स्कूल छोड़ा। यह घटना न केवल अभिभावकों के अपने बच्चों के प्रति असीम प्रेम को दर्शाती है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।
एक पिता का अनमोल तोहफा
नमित भोईर और उनकी पत्नी के लिए रेयांश सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि एक अनमोल उपहार है। विवाह के छह साल बाद जन्मे रेयांश को जन्म के बाद एक महीने तक गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रहना पड़ा था, जिसने उसके आगमन को और भी खास बना दिया। ऐसे में, रेयांश का 12 जून को स्कूल में पहला दिन भोईर परिवार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर था।
शाही काफिले के साथ 'रॉयल एंट्री'
इस दिन को अविस्मरणीय बनाने और शिक्षा के प्रति एक आनंदमय दृष्टिकोण स्थापित करने के उद्देश्य से, नमित भोईर ने एक विशेष रोल्स रॉयस कार किराए पर ली। इस शाही काफिले में रोल्स रॉयस के साथ परिवार की पांच अन्य कारें भी खूबसूरती से सजाई गई थीं। रेयांश अपने पिता के साथ दुनिया की सबसे महंगी कारों में से एक रोल्स रॉयस में सवार होकर स्कूल पहुंचा। कार पर मराठी में "स्कूल चले हम, माझा शाळेचा पाहिला दिवस" (स्कूल चले हम, मेरा स्कूल का पहला दिन) लिखा हुआ एक पोस्टर भी लगा था, जो इस विशेष दिन की भावना को दर्शाता था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
इस अनूठी पहल के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं, और लोग पिता के इस भावुक कदम की सराहना कर रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी करते हुए अपने स्वयं के स्कूल के पहले दिन को याद किया। यह घटना केवल एक स्थानीय खबर तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसने माता-पिता के अपने बच्चों के प्रति निस्वार्थ प्रेम और उनके जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों को खास बनाने की इच्छा का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह दृश्य निश्चित रूप से अन्य माता-पिता को भी अपने बच्चों के लिए ऐसे विशेष पल बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
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