सपा विधायक जाहिद बेग को मारपीट मामले में मिली जमानत: भदोही MP-MLA कोर्ट से राहत
भदोही, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक जाहिद जमाल बेग को भदोही की MP-MLA कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह जमानत उन्हें न्यायालय परिसर में समर्थकों के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा पहुँचाने के आरोप में दी गई है। यह उनके लिए एक राहत भरी खबर है, खासकर तब जब वह पहले से ही अन्य गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
कोर्ट में तीन घंटे की सुनवाई के बाद फैसला
शुक्रवार को विधायक जाहिद बेग की पेशी के दौरान, वह लगभग तीन घंटे तक कोर्ट रूम में मौजूद रहे। न्यायाधीश ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत का आदेश दिया। कोर्ट ने विधायक को 20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र (पर्सनल बॉन्ड) और उतनी ही राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह एक मानक प्रक्रिया है जिसके तहत आरोपी को यह सुनिश्चित करना होता है कि वह भविष्य में कोर्ट की कार्यवाही में उपस्थित रहेगा।
अधिवक्ता का तर्क और अन्य आरोप
विधायक के अधिवक्ता ने कोर्ट में यह स्पष्ट किया कि इस मामले में दर्ज एफआईआर (FIR) और लगाए गए आरोप अलग-अलग हैं। यह अक्सर कानूनी मामलों में देखा जाता है जहाँ प्रारंभिक एफआईआर में कुछ आरोप होते हैं और जांच के बाद कुछ नए आरोप जोड़े जाते हैं या पुराने आरोपों में बदलाव होता है।
वर्तमान में, विधायक बेग प्रयागराज के नैनी जेल में बंद हैं। उन पर केवल मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप ही नहीं हैं, बल्कि उनकी नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाने और बाल श्रम जैसे गंभीर आरोप भी हैं। गौरतलब है कि, इस जमानत से दो दिन पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें नौकरानी आत्महत्या प्रकरण में भी जमानत दी थी।
जाहिद बेग के खिलाफ ये मामले उनकी राजनीतिक छवि पर निश्चित रूप से प्रभाव डाल रहे हैं। हालांकि, इन मामलों में अभी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं, और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। उन्हें जमानत मिलने से उन्हें इन मामलों में अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका मिलेगा।
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