महाराष्ट्र में शर्मनाक घटना: 14 साल की बेटी को 1.2 लाख में बेचा, 45 वर्षीय व्यक्ति से कराई शादी; ग्रामीणों ने उजागर किया मामला

ठाणे, महाराष्ट्र: पैसों के लालच में मानवीयता को शर्मसार करने वाली एक घटना महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित पिलांजे खुर्द गांव से सामने आई है, जहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी उससे तीन गुना बड़े, 45 वर्षीय व्यक्ति से करा दी गई। आरोप है कि लड़की के माता-पिता ने उसे मात्र 1.20 लाख रुपये में बेच दिया। इस जघन्य कृत्य का पर्दाफाश तब हुआ जब गांव के ही आदिवासी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को लड़की के साथ ले जाते समय रोका और पुलिस को सूचना दी। इस तरह, नाबालिग को इन दरिंदों के चंगुल से बचाया जा सका, और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सौतेली माँ की भूमिका और बिचौलियों का जाल
पड़ोसियों के अनुसार, जब लड़की छोटी थी, तभी उसकी माँ का निधन हो गया था, जिसके बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली। बताया जाता है कि लड़की की सौतेली माँ ने बिचौलियों के एक नेटवर्क से संपर्क साधा और नाबालिग बेटी को बेचने की पूरी योजना तैयार की। संजय लक्ष्मण जाधव नामक व्यक्ति ने आरोपी मंगेश लक्ष्मण गडेकर से इस सौदे के लिए 50 हजार रुपये अग्रिम के तौर पर ले लिए थे।
आरोपी अपने साथियों के साथ गांव पहुँचा और घर में ही शादी की रस्में पूरी की गईं। इसके बाद, लड़की के परिवार को बची हुई रकम दी गई और आरोपी लड़की को लेकर जाने लगा। इसी दौरान, गांव के लोगों और आदिवासी कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को बीच रास्ते में रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचित किया। इस दौरान आरोपी बार-बार यह कहता रहा कि वह लड़की को भगाकर नहीं, बल्कि शादी करके ले जा रहा है।
आरोपियों की गिरफ्तारी और गरीबी की आड़ में अपराध
पुलिस ने मौके से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस बीच बिचौलिया और लड़की के असली माता-पिता मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए कहा कि "हम गरीब लोग हैं, इसलिए हमसे कोई शादी करने को तैयार नहीं होता है। इस कारण ही लड़कियों को खरीदना पड़ता है।" यह बयान इस तरह के जघन्य अपराधों को छिपाने की एक क्रूर कोशिश प्रतीत होता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल इलाकों में इस तरह के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। बिचौलिए गांव में ही रहते हैं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों को एकमुश्त मोटी रकम का लालच देकर अपनी बेटियों को बेचने के लिए तैयार कर लेते हैं। इन लड़कियों को शादी के बाद अक्सर दूसरी जगहों पर ले जाया जाता है, जहाँ उन्हें दुर्व्यवहार, घरेलू दासता या जबरन श्रम का शिकार बनाया जाता है। यह घटना समाज में गरीबी, अशिक्षा और नैतिक पतन के गहरे मुद्दों को उजागर करती है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

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