भिवंडी-कामण सड़क पर गड्ढों से हाहाकार: कांग्रेस का 'रास्ता रोको' आंदोलन
टूटी सड़क, दुर्घटनाओं का अंबार; 15 दिनों में मरम्मत का आश्वासन मिलने पर समाप्त हुआ प्रदर्शन
भिवंडी-कामण-चिंचोटी मार्ग पर खतरनाक गड्ढों और खराब रखरखाव के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं से आक्रोशित होकर, मंगलवार को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पर्यावरण विभाग के प्रदेश प्रमुख समीर सुभाष वर्तक के नेतृत्व में चिंचोटी नाका पर एक विशाल रास्ता रोको आंदोलन किया गया। लंबे समय से मरम्मत की उपेक्षा झेल रही यह सड़क वाहन चालकों के लिए मौत का जाल बन चुकी है, जिस पर अब तक कई दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।
कागजों पर काम, हकीकत में सिर्फ गड्ढे
आंदोलनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर केवल कागजी कार्रवाई हो रही है, जबकि वास्तविक धरातल पर कोई ठोस सुधार नहीं किया जा रहा है। इस उदासीन रवैये के कारण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
'नो टोल विदाउट रोड': बुलंद हुए विरोध के स्वर
प्रदर्शन के दौरान, आंदोलनकारियों ने 'नियम के विरुद्ध टोलनाका बंद करो', 'अच्छी सड़क नहीं तो टोल नहीं', और 'सार्वजनिक बांधकाम विभाग का निषेध' जैसे बुलंद नारों के साथ पोस्टर लहराए। करीब एक घंटे तक चले इस तीव्र विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा।
PWD का आश्वासन और आंदोलन का समापन
अंततः, सार्वजनिक बांधकाम विभाग, भिवंडी कार्यालय के अधिकारी गिते ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए, आगामी 15 दिनों के भीतर सड़क के सभी गड्ढों को भरने का आश्वासन दिया। इस लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
नायगांव पुलिस स्टेशन के निरीक्षक विजय कदम और 35 पुलिसकर्मी, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मुस्तैद रहे। उनकी सतर्कता के कारण आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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