ग्राम प्रधानों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप: आठ प्रधान के खाते फ्रीज, 28 और जांच के घेरे में...
प्रयागराज: वित्तीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के गंभीर आरोपों के चलते प्रयागराज जिले में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आठ ग्राम प्रधानों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। वहीं, 28 अन्य प्रधानों के खिलाफ चल रही जांच भी अपने अंतिम चरण में है, जिसके बाद उनके खातों पर भी रोक लगाने की तैयारी है।
आरोपों की फेहरिस्त और कार्रवाई
मांडा और कोरांव में एक्शन:
मांडा के महुआली कला के प्रधान फारुक अली के खिलाफ 8,11,044 रुपये के गबन का आरोप था। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद तत्कालीन प्रधान और सचिव से वसूली का आदेश दिया गया है। इसी कड़ी में कोरांव के अयोध्या गांव की तत्कालीन प्रधान कलावती देवी पर भी अनियमितता का आरोप लगा, और जिला कृषि अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर उनसे 79,740 रुपये की वसूली की जा रही है।
शंकरगढ़ और उरुवा में भी कार्रवाई:
शंकरगढ़ की पहाड़ी कला ग्राम सभा की प्रधान जीतलक्ष्मी का खाता भी फ्रीज कर दिया गया है। उरुवा की उपरौड़ा ग्राम सभा की प्रधान अकांक्षिका के खिलाफ डीएसटीओ द्वारा की गई जांच में अनियमितता सिद्ध होने पर उनका खाता भी फ्रीज कर दिया गया है।
करछना और कोरांव में जांच जारी:
करछना के एक गांव की प्रधान की जांच जल निगम के अधिशासी अभियंता ने की, जिसके बाद उनके खाते के संचालन पर रोक लगाई गई थी। हालांकि, कोर्ट से स्थगन आदेश पारित होने के कारण फिलहाल कार्रवाई रुकी हुई है। कोरांव के नीवी ग्राम पंचायत के प्रधान पर भी अनियमितता के आरोप सिद्ध होने पर डीएम के निर्देश पर खाता फ्रीज किया गया है, और एक तीन सदस्यीय जांच टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।
अन्य प्रधान भी जांच के दायरे में:
मांडा की साड़ी ग्राम पंचायत के प्रधान के खिलाफ शिकायत पर सहायक मत्स्य अधिकारी से जांच कराई गई है और उनका खाता बंद करने की कार्रवाई चल रही है। होलागढ़ अरुआंव के प्रधान के खिलाफ आई शिकायत की जांच जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय दल अधिकारी ने की, और जिलाधिकारी के आदेश पर उनका खाता भी फ्रीज कर दिया गया है।
जिला पंचायती राज अधिकारी का बयान
जिला पंचायती राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी ने बताया कि अनियमितता के आरोप में आठ प्रधानों के खाते फ्रीज किए गए हैं और कई प्रधानों व सचिवों से वसूली के आदेश भी पारित किए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 28 अन्य प्रधानों के खिलाफ भी जांच चल रही है और प्राथमिक जांच रिपोर्ट में वे दोषी पाए गए हैं। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है, और आने वाले समय में अन्य प्रधानों के खाते भी फ्रीज किए जा सकते हैं।
यह कार्रवाई जिला प्रशासन की वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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