3.53 लाख की अनियमितता में ग्राम प्रधान निलंबित, सचिव पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार

विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता उजागर, ग्राम प्रधान निलंबित, सचिव पर भी कार्रवाई की तलवार
सुल्तानपुर जिले के धनपतगंज विकास खंड अंतर्गत भरसड़ा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के निष्पादन में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग कार्य प्रारंभ होने से पूर्व ही 3.53 लाख रुपये का भुगतान कर दिए जाने के आरोप में जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया है। इसके साथ ही, इस मामले में पंचायत सचिव की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उन पर कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है।
जांच में खुली वित्तीय अनियमितता की परतें
भरसड़ा ग्राम पंचायत में पक्की सड़क से राम करन के आवास तक इंटरलॉकिंग कार्य कराए बिना ही भुगतान किए जाने की सूचना मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने सक्रियता दिखाते हुए 20 फरवरी को मौके पर पहुंचकर जांच की। उनकी पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि ईंट, बालू सहित अन्य आवश्यक सामग्री मौके पर मौजूद थी और कार्य प्रगति पर था, जबकि आश्चर्यजनक रूप से 3.53 लाख रुपये का भुगतान 17 फरवरी को ही किया जा चुका था।
स्पष्टीकरण और साक्ष्यों में विरोधाभास
जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने ग्राम प्रधान शिवगोपाल यादव और पंचायत सचिव राजेश त्यागी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया था। प्राप्त स्पष्टीकरण और उपलब्ध साक्ष्यों के गहन मिलान के पश्चात यह पाया गया कि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से विधिवत स्वीकृति नहीं ली गई थी। इसके अतिरिक्त, कार्य की विधिवत माप किए बिना ही भुगतान की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था। स्पष्टीकरण और साक्ष्यों में स्पष्ट विरोधाभास पाए जाने के कारण डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित की थी।
ग्राम प्रधान के अधिकार सीज, सचिव पर कार्रवाई की तैयारी
उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान शिवगोपाल यादव के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, पंचायत सचिव राजेश त्यागी की संलिप्तता को देखते हुए उन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पंचायत सचिव पर अपेक्षित कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है। इस घटना ने ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है।

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