वसई विरार: वन विभाग का कठोर प्रहार, वाघराल पाड़ा में अवैध निर्माण धराशायी
मांडवी RFO की अगुवाई में वनरक्षकों का साहसिक अभियान, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप
संवाददाता कन्हैयालाल दुबे
वसई विरार शहर महानगरपालिका के प्रभाग 'जी' स्थित वाघराल पाड़ा के सर्वे क्रमांक 196 में वन विभाग ने अतिक्रमण के विरुद्ध एक सशक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। कर्तव्यनिष्ठ मांडवी की क्षेत्रीय वन अधिकारी (RFO) श्रीमती रीता वैद्य, वसई के कर्मठ वनपाल श्री प्रभाकर कुणालकर, श्री पदमाकर केन्द्रे एवं उनकी समर्पित टीम ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप वन विभाग की बहुमूल्य भूमि पर किया जा रहा अवैध निर्माण पूर्णतः ध्वस्त कर दिया गया।
अतिक्रमणकारियों की मंशा हुई विफल
प्राप्त सूचनानुसार, वाघराल पाड़ा के उक्त सर्वे क्रमांक पर कতিপय तत्वों द्वारा सुनियोजित ढंग से वन विभाग की भूमि पर अवैध निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। इस अवैध गतिविधि की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने त्वरित गति से संज्ञान लिया। एक ही शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए, वन विभाग की जांबाज टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमणकारियों के नापाक इरादों को मिट्टी में मिला दिया।
त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई
वन विभाग की इस त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई की सर्वत्र सराहना हो रही है। श्रीमती वैद्य के कुशल नेतृत्व में वनरक्षकों ने बिना किसी विलंब के अवैध निर्माण को धराशायी कर दिया, जिससे वन विभाग की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया। इस साहसिक कदम ने अतिक्रमणकारियों के मध्य भय का संचार किया है।
अब कानूनी शिकंजे की प्रतीक्षा
इस घटनाक्रम के पश्चात, अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वन विभाग इस दुस्साहसपूर्ण कृत्य को अंजाम देने वाले निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही आरंभ करेगा। वर्तमान में, अवैध निर्माण को तो मटियामेट कर दिया गया है, परंतु समाचार लिखे जाने तक दोषियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज किए जाने की सूचना अप्राप्त है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं की दृष्टि अब इस पर केंद्रित है कि वन विभाग भविष्य में ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु क्या निवारक कदम उठाता है और अतिक्रमणकारियों को कानून के कटघरे में लाता है या नहीं।
वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस सफल अभियान पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि वन संपदा की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अक्षम्य होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस दृढ़ संकल्पित कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश प्रसारित होता है कि वन विभाग अपनी अमूल्य वन भूमि की रक्षा के लिए कटिबद्ध है और अवैध गतिविधियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
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