नालासोपारा में खौफनाक वारदात: 13 वर्षीय भाई ने सात साल की मासूम बहन की चाकू से हत्या की, पोस्टमार्टम ने खोली झूठ की पोल

संवाददाता कन्हैयालाल दुबे 

महाराष्ट्र के वसई-नालासोपारा के शांत इलाके में एक ऐसी घटना घटी जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया है. संतोषभुवन इलाके के पांडुरंग चॉल में रहने वाले मिथुन शर्मा और उनकी पत्नी हमेशा की तरह काम पर गए थे. घर पर उनके दो बच्चे, 13 साल का बड़ा बेटा और 7 साल की छोटी बेटी अकेले थे. उस दोपहर किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों में यहाँ मातम छा जाएगा.
पुलिस के अनुसार, जब माता-पिता घर से बाहर थे, तो बड़ा लड़का घर के बाहर धूप में खेलने लगा. उसकी सात साल की छोटी बहन ने उसे अंदर आने के लिए कहा. छोटी सी बात पर दोनों भाई-बहन के बीच कहा-सुनी हो गई. यह मामूली झगड़ा कब इतना भयानक रूप ले लेगा, किसी ने सोचा भी नहीं था.
गुस्से में आग बबूला हुए 13 साल के किशोर ने रसोई में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठाया और अपनी छोटी बहन पर वार कर दिया. चाकू लगने से बच्ची बुरी तरह घायल हो गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
अपनी करतूत से घबराए लड़के ने तुरंत एक कहानी गढ़ ली. जब माता-पिता घर लौटे तो उसने उन्हें और पड़ोसियों को बताया कि उसकी बहन खेलते समय स्टूल से गिर गई थी और नीचे रखे धागा काटने वाले कटर से उसे चोट लग गई. लड़के ने पूरी कोशिश की कि यह एक सामान्य हादसा लगे.
लेकिन कानून की नजरों से सच्चाई छिप नहीं सकती थी. सूचना मिलने पर नालासोपारा पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची. उन्होंने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला था. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया कि बच्ची की मौत चाकू के वार से हुई है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी किशोर को हिरासत में ले लिया. शुरुआती पूछताछ में वह अपनी कहानी पर अड़ा रहा, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि धूप में खेलने से मना करने पर उसे गुस्सा आ गया था और इसी गुस्से में उसने अपनी बहन पर चाकू से हमला कर दिया.
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश कुराडे ने बताया कि आरोपी लड़का तीसरी कक्षा में पढ़ता है और पढ़ाई में कमजोर होने के कारण वह कई बार फेल भी हो चुका है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या लड़के के इस कदम के पीछे कोई और वजह थी.
यह घटना इसलिए भी ज्यादा चिंताजनक है क्योंकि नालासोपारा इलाके में डेढ़ महीने के अंदर यह दूसरी ऐसी वारदात है जब किसी नाबालिग ने अपने ही परिवार के सदस्य की हत्या की है. इससे पहले 2 मार्च को पेल्हार थाना क्षेत्र के श्रीराम नगर में एक 12 साल के लड़के ने अपनी 6 साल की सौतेली बहन का गला घोंटकर हत्या कर दी थी.
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने समाज में डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है. यह सवाल उठने लगा है कि आखिर बच्चों में इस तरह की हिंसक प्रवृत्ति क्यों बढ़ रही है. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बच्चों में गुस्सा, तनाव और अकेलेपन की भावना को समझना और उस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. परिवारों और स्कूलों को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल, नालासोपारा पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक 13 साल के बच्चे ने इतनी भयानक वारदात को क्यों अंजाम दिया.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को दिया ज्ञापन

सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वालो पर भदोही भाजपा विधायक ने दर्ज कराई प्राथमिकी

भदोही के युवा को मिला "बैंक आफ अमेरिका" में नौकरी,आइये बताते है कौन है वह युवा???।

पहलगाम का शोक डोंबिवली में गहराया: आतंकी हमले में मारे गए तीनों का अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब

जौनपुर : पत्नी का पीछा करते हुए पति को मालूम हुई ऐसी हकीकत, मामला पहुंच गया थाने

वसई: करोड़ों की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

बेखौफ दबंगो ने की सारी हदें पार

भदोही : जमीनी विवाद के चलते गोशाला संचालक को मारी गोली, गुस्साए लोगों ने शव लेकर किया सड़क जाम।

वकीलों के बीच विवाद ने लिया हिंसक मोड़: एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला और जातिसूचक धमकी का आरोप

महंत आशीष गिरी ने खुद को क्यों मारी गोली, जाने पूरी खबर