मुंबई में ED दफ्तर की इमारत में भीषण आग, महत्वपूर्ण दस्तावेजों को लेकर चिंताएं बढ़ीं
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पॉश इलाके बेलार्ड एस्टेट में स्थित कैसर-ए-हिंद इमारत में रविवार तड़के भीषण आग लग गई। इस पांच मंजिला इमारत की चौथी मंजिल पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का महत्वपूर्ण दफ्तर भी स्थित है, जहां कई हाई-प्रोफाइल राजनेताओं और व्यापारियों से जुड़े संवेदनशील जांच के दस्तावेज रखे होने की आशंका है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग हरकत में आया और दस से ज्यादा गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, हालांकि इस घटना ने ईडी के दफ्तर में मौजूद महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आग लगने की सूचना दमकल विभाग को रविवार तड़के करीब 2:31 बजे मिली। कर्रिंभॉय रोड पर ग्रैंड होटल के पास स्थित कैसर-ए-हिंद इमारत से धुएं और लपटों को उठता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुईं। आग की भयावहता को देखते हुए शुरुआत में ही आठ दमकल गाड़ियां, छह जंबो टैंकर, एक एरियल वॉटर टावर टेंडर, एक श्वास तंत्र वैन, एक बचाव वैन और एक त्वरित प्रतिक्रिया वाहन को मौके पर तैनात कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 108 सेवा की एक एम्बुलेंस भी घटनास्थल पर मौजूद रही।
फायर ब्रिगेड कंट्रोल रूम के अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 3:30 बजे आग ने और विकराल रूप धारण कर लिया और इसे लेवल-2 की आग घोषित कर दिया गया। लेवल-2 की आग को आमतौर पर एक बड़ी घटना माना जाता है, जिसके लिए अतिरिक्त संसाधनों और समन्वय की आवश्यकता होती है। दमकलकर्मियों ने इमारत के चारों ओर से घेराबंदी कर आग को फैलने से रोकने और उस पर काबू पाने के लिए पुरजोर प्रयास शुरू कर दिए। संकरी गलियों और ऊंची इमारत के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी त्वरित कार्रवाई से आग को इमारत की अन्य मंजिलों तक फैलने से रोक दिया गया।
नगर निगम के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि आग मुख्य रूप से पांच मंजिला इमारत की चौथी मंजिल तक ही सीमित रही। इसी मंजिल पर ईडी का दफ्तर स्थित है। हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और पुलिस की टीमें आग बुझने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करेंगी और आग लगने के संभावित कारणों की जांच करेंगी। शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
इस घटना में सबसे बड़ी चिंता ईडी के दफ्तर में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को लेकर है। ईडी कई संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करती है, जिनमें राजनेता और बड़े व्यापारी शामिल हैं। इन मामलों से जुड़े दस्तावेज जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, और आग लगने से उनके नष्ट होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, ईडी की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि आग से दस्तावेजों को कितना नुकसान पहुंचा है।
बहरहाल, इस अग्निकांड ने सरकारी इमारतों और उनमें रखे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब विभिन्न एजेंसियों द्वारा कई संवेदनशील मामलों की जांच चल रही है। अधिकारियों को अब यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल, दमकलकर्मी पूरी तरह से आग पर काबू पाने के बाद कूलिंग की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं, ताकि आग दोबारा न भड़क सके। इसके बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा।
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