सुरक्षा बलों की आवाजाही पर कवरेज प्रतिबंध जारी, राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार द्वारा सुरक्षा बलों की आवाजाही के लाइव कवरेज पर प्रतिबंध आज, 27 अप्रैल, 2025 को भी जारी है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कल जारी अपनी एडवाइजरी में मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से रक्षा अभियानों और सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष प्रसारण या संवेदनशील जानकारी के प्रकटीकरण से बचने का आग्रह किया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी चल रहे सुरक्षा अभियान या सैन्य बलों की आवाजाही का वास्तविक समय का कवरेज, तस्वीरें या ऐसे रिपोर्ट जो अज्ञात स्रोतों पर आधारित हैं, प्रसारित नहीं किए जाने चाहिए। इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और शत्रुतापूर्ण तत्वों को किसी भी रणनीतिक जानकारी से वंचित रखना है जिससे वे लाभ उठा सकें।
सरकार ने केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के एक महत्वपूर्ण प्रावधान का भी उल्लेख किया है, जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों के लाइव कवरेज को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करता है। नियमों के अनुसार, ऐसे अभियानों पर मीडिया कवरेज केवल सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा समय-समय पर दी जाने वाली आधिकारिक जानकारी तक ही सीमित रहेगा, जब तक कि अभियान पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता।
इस प्रतिबंध का उद्देश्य अतीत की घटनाओं से सबक लेना है, जहाँ अनियंत्रित मीडिया कवरेज ने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों पर नकारात्मक प्रभाव डाला था। अधिकारियों का मानना है कि लाइव कवरेज से परिचालन संबंधी गोपनीयता भंग हो सकती है और सुरक्षा बलों के जवानों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
हालांकि, इस प्रतिबंध ने मीडिया की स्वतंत्रता और जनता के सूचना के अधिकार को लेकर बहस छेड़ दी है। कुछ वर्गों का मानना है कि पूर्ण कवरेज पर रोक पारदर्शिता को कम कर सकती है और अफवाहों को जन्म दे सकती है। वहीं, सरकार का तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे किसी भी अन्य विचार से ऊपर रखा जाना चाहिए।
सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि स्थिति सामान्य होने पर और अभियानों की संवेदनशीलता समाप्त होने के बाद, जनता को उचित माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इस बीच, सभी मीडिया संस्थानों और नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण पहलू में सहयोग करें और किसी भी ऐसी जानकारी को साझा करने से बचें जो सुरक्षा बलों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
यह ध्यान देने योग्य है कि यह प्रतिबंध देश भर में लागू है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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