जौनपुर-भदोही हाईवे: बरसों का गतिरोध टूटा, किसानों को मिलेगा हक
जौनपुर: आखिरकार, विकास की राह में खड़ी एक बड़ी बाधा दूर हो गई। जौनपुर और भदोही को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को लेकर गहौरा गांव के किसानों और प्रशासन के बीच चला आ रहा लंबा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। यह खबर न केवल परियोजना के लिए, बल्कि इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आई है।
बरसों से अपनी जमीनों के उचित मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे गहौरा के लगभग 30 किसानों की आवाज आखिरकार सुनी गई। मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) ने एनएचएआई के आला अधिकारियों के साथ गहन मंथन और सुनवाई के बाद किसानों की आपत्तियों का सम्मानजनक समाधान निकाला है। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह जीत सिर्फ किसानों की नहीं, बल्कि संवाद और सहिष्णुता की भी जीत है।
दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए गहौरा गांव में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया गया था। किसानों का आरोप था कि उन्हें उनकी उपजाऊ जमीन का सही मुआवजा नहीं दिया जा रहा, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा था। इस न्यायोचित मांग को लेकर किसान लंबे समय से अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे, जिसके चलते लगभग 400 मीटर के दायरे में राजमार्ग का निर्माण कार्य ठप पड़ गया था। विकास की महत्वाकांक्षी परियोजना, मुआवजे के पेंच में फंसकर कछुए की गति से रेंग रही थी।
लेकिन अब, वाराणसी से आए एनएचएआई के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सीआरओ के साथ मिलकर किसानों की हर शिकायत को धैर्यपूर्वक सुना और उसका तार्किक समाधान निकाला। यही नहीं, निर्माण कार्य के लिए चिन्हित किए जाने वाले स्थानों पर भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों की मौजूदगी में निशान लगाए गए। यह कदम किसानों के विश्वास को जीतने में निश्चित रूप से सहायक होगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी मुहर लगाते हुए, सीआरओ अजय कुमार अंबष्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रभावित किसानों को लगभग एक करोड़ रुपये का मुआवजा जल्द ही वितरित कर दिया जाएगा। यह घोषणा न केवल किसानों के लिए आर्थिक संबल प्रदान करेगी, बल्कि राजमार्ग निर्माण के रुके हुए पहियों को भी गति देगी।
यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि यह फैसला एक सबक है। सबक यह कि विकास की दौड़ में हम उन लोगों को पीछे नहीं छोड़ सकते जिनकी जमीन और जीवन इस प्रक्रिया से प्रभावित होते हैं। किसानों के हितों का सम्मान और उनकी जायज मांगों को सुनना किसी भी विकास परियोजना की सफलता के लिए अनिवार्य है।
अब जब गतिरोध समाप्त हो गया है और मुआवजे का वादा किया गया है, तो उम्मीद की जानी चाहिए कि राजमार्ग निर्माण का कार्य तेजी पकड़ेगा और यह महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजना जल्द ही पूरी होगी। यह राजमार्ग न केवल जौनपुर और भदोही के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
अंततः, यह खबर उन सभी के लिए एक सकारात्मक संदेश है जो विकास और न्याय के बीच संतुलन बनाए रखने में विश्वास रखते हैं। गहौरा के किसानों की जीत, संवाद और संवेदनशीलता की जीत है। अब देखना यह है कि प्रशासन अपने वादे को कितनी तत्परता से पूरा करता है और यह राजमार्ग कब तक आम जनता के लिए सुलभ हो पाता है।
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