नालासोपारा में अवैध निर्माण का गोरखधंधा, सीयूसी हेड और इंजीनियर की संदिग्ध भूमिका!
नालासोपारा पूर्व: महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व स्थित प्रगति नगर क्षेत्र इन दिनों अवैध निर्माणों का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, चंद्रमा नगर के सर्वे नंबर ५७, ५६ और २०७ में रातों-रात भारी संख्या में अवैध चाली का निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। इस पूरे गोरखधंधे में नगर निगम के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो, इस अवैध निर्माण को सीयूसी (कंट्रोल ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन) विभाग के हेड दीपक सावंत और इंजीनियर अजय पावबाके का सीधा संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि इन अधिकारियों की शह पर ही भू-माफिया बिना किसी डर के नियमों को ताक पर रखकर अंधाधुंध निर्माण कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कभी इन अवैध निर्माणों के खिलाफ दिखावटी कार्यवाही की जाती भी है, तो वह महज खानापूर्ति साबित होती है। कुछ दिनों बाद ही निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रभावशाली लोगों का संरक्षण इन अवैध निर्माणों को निर्बाध रूप से जारी रखने में मदद कर रहा है।
प्रगति नगर के जागरूक नागरिकों ने मनपा आयुक्त, मनपा उपायुक्त और अन्य बड़े अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। उन्होंने पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि उच्च अधिकारी समय रहते इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो यह अवैध निर्माण क्षेत्र के पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
अब देखना यह है कि क्या मनपा प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए अपने भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम कसेगा और प्रगति नगर में चल रहे इस अवैध निर्माण के खेल को खत्म करेगा या फिर सीयूसी हेड और इंजीनियर के कथित संरक्षण में यह गोरखधंधा यूं ही चलता रहेगा। इस पूरे मामले में अधिकारियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।
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