वसई-विरार में जल निगम की पाइपलाइन परियोजना: मिट्टी प्रबंधन पर गहराते सवाल, घटिया मरम्मत से सड़कों के धंसने का मंडराता खतरा
संवाददाता कन्हैयालाल दुबे
विरार, महाराष्ट्र: वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में महत्वाकांक्षी अमृत जल योजना के अंतर्गत चल रही पाइपलाइन बिछाने का कार्य अब अपनी प्रक्रिया और परिणाम दोनों के लिए स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच गहन चर्चा का विषय बन गया है। महानगरपालिका के विभिन्न महत्वपूर्ण इलाकों, जिनमें नालासोपारा स्टेशन से राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाला व्यस्त गलियारा, विरार का सघन आबादी वाला फूलपाड़ा क्षेत्र और ऐतिहासिक महत्व का वसई शहर शामिल हैं, में इस परियोजना के तहत सड़कों की बड़े पैमाने पर खुदाई की गई है। हालांकि, इस खुदाई के दौरान निकली मिट्टी के प्रबंधन को लेकर अस्पष्टता और उसके बाद की जा रही सड़क मरम्मत की कथित निम्न गुणवत्ता ने स्थानीय नागरिकों के बीच गहरी चिंता और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है।
स्थानीय निवासियों ने परियोजना स्थलों का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद यह पाया है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई के बाद मिट्टी की अपेक्षित मात्रा आसपास कहीं भी दिखाई नहीं दे रही है। सामान्यतः, जब किसी भी प्रकार का बड़ा निर्माण कार्य, विशेष रूप से सड़क की खुदाई, की जाती है, तो काफी मात्रा में मिट्टी निकलती है, जिसे या तो परियोजना स्थल के पास व्यवस्थित रूप से जमा किया जाता है या बाद में उस मिट्टी का उपयोग भराव और मरम्मत कार्यों के लिए किया जाता है। वसई-विरार में इस मिट्टी का व्यापक रूप से अनुपस्थित रहना परियोजना के संचालन और सामग्री के प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका व्यक्त की है कि इस मिट्टी का अनधिकृत रूप से निपटान किया गया होगा, जिससे संभावित पर्यावरणीय और वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा मिलता है।इसके अतिरिक्त, पाइपलाइन बिछाने के तुरंत बाद सड़कों की मरम्मत जिस गति और तरीके से की जा रही है, वह भी स्थानीय नागरिकों के संदेह के घेरे में है।
विलालपाड़ा के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई स्थानों पर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि खोदी गई सड़कों को पर्याप्त गहराई तक और उचित सामग्री से भरे बिना ही ऊपरी सतह को मात्र औपचारिक रूप से ठीक कर दिया गया है। इस प्रकार की जल्दबाजी और अपर्याप्त मरम्मत आने वाले मानसून के मौसम में सड़कों की दीर्घकालिक स्थिरता और सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा कर सकती है। कमजोर आधार और अपर्याप्त भराव के कारण, पाइपलाइन के आसपास की मिट्टी के धंसने की संभावना काफी बढ़ जाती है, जिससे सड़कों पर बड़े गड्ढे और असमान सतहें बन सकती हैं, जो यातायात के प्रवाह को बाधित करने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती हैं। वर्तमान परिस्थितियों का गंभीरता से आकलन करते हुए, यह आशंका प्रबल हो रही है कि आगामी भारी वर्षा के दौरान पाइपलाइन के आसपास की कमजोर मिट्टी धंस जाएगी, जिससे सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाएंगी।
नालासोपारा स्टेशन से राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाला अत्यधिक व्यस्त मार्ग और विरार के फूलपाड़ा जैसे संकरे और घनी आबादी वाले रास्ते, जहाँ पहले से ही यातायात का दबाव अत्यधिक रहता है, विशेष रूप से इस समस्या के प्रति संवेदनशील हैं। सड़कों के धंसने से न केवल दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा, बल्कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति भी बाधित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, भारी वाहनों के धंसी हुई सड़कों में फंसने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे और अधिक यातायात जाम और संभावित जान-माल की हानि हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने इस गंभीर मुद्दे पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVCMC) के जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने और इस परियोजना में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा करने का पुरजोर आग्रह किया है। नागरिकों की मांग है कि महानगरपालिका यह सुनिश्चित करे कि सड़कों की मरम्मत उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार की जाए और भविष्य में सड़कों के धंसने की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उनका यह भी कहना है कि मिट्टी के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
यह स्मरण रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यद्यपि पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल निगम जैसी किसी सरकारी एजेंसी द्वारा किया जा रहा है, इन सड़कों का अंतिम स्वामित्व और रखरखाव की पूर्ण जिम्मेदारी वसई-विरार शहर महानगरपालिका की ही है। इसलिए, स्थानीय नागरिकों को अपनी वैध और जायज चिंताओं को सीधे महानगरपालिका के संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष रखना चाहिए ताकि इस पर तत्काल और उचित ध्यान दिया जा सके और भविष्य में सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वसई-विरार शहर महानगरपालिका प्रशासन इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए नागरिकों की आशंकाओं को दूर करने और सड़कों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस और प्रभावी कदम उठाता है। सड़कों की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा बनाए रखना महानगरपालिका की एक प्राथमिक और अपरिहार्य जिम्मेदारी है, विशेष रूप से इस प्रकार की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के पूर्ण होने के पश्चात।
हालांकि एक पत्रकार होने के नाते हमारा दायित्व है कि, किसी भी समस्या को अधिकारियों तक पहुंचना ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।अब देखना यह होगा कि समय रहते इसका समाधान किया जाता है या बारिश में समस्या को प्रत्यक्ष देखने के बाद सुधार किया जाएगा
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