पालघर में रिश्वतखोरी का मकड़जाल: वनपाल एसीबी के रडार पर, भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई!
रिपोर्ट कन्हैयालाल दुबे
पालघर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), पालघर इकाई ने सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार, एसीबी के तेजतर्रार अधिकारियों ने नायगांव ग्राम पंचायत के वन विभाग में कार्यरत एक भ्रष्ट वनपाल (वर्ग 3), श्री. महेंद्र भबुतराव सोलंकी को रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के तहत कानूनी शिकंजे में कस लिया है। इस कार्रवाई ने न केवल वन विभाग बल्कि पूरे सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया है।
मामले की तह तक जाने पर पता चलता है कि एक पीड़ित शिकायतकर्ता, जिनकी उम्र 48 वर्ष है, अपने पैतृक गांव कोशीमशेत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपने सपनों का घर बनाने के लिए प्रयासरत थे। इसके लिए उन्हें गणेशपुरी स्थित वन विभाग के कार्यालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी थी। इसी प्रक्रिया के दौरान, शिकायतकर्ता का सामना भ्रष्ट आचरण वाले वनपाल श्री. सोलंकी से हुआ, जिन्होंने कथित तौर पर इस अनुमति को आसानी से प्राप्त कराने और निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अड़चन न डालने की एवज में एक मोटी रकम, पूरे 50,000/- रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली।
भ्रष्टाचार के इस नापाक इरादे से क्षुब्ध और न्याय की उम्मीद में, शिकायतकर्ता ने बिना किसी देरी के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), पालघर में अपनी व्यथा सुनाई। एसीबी के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक पड़ताल में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि आरोपी लोकसेवक, श्री. सोलंकी, शिकायतकर्ता के साथ हुई गुप्त बातचीत में अपनी काली करतूतों पर उतर आए थे और रिश्वत की भारी-भरकम रकम को घटाकर 20,000/- रुपये पर सौदा करने को तैयार हो गए थे। एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक अचूक जाल भी बिछाया, लेकिन दुर्भाग्यवश, उस निर्धारित तिथि पर आरोपी शिकायतकर्ता के साथ सीधा संपर्क स्थापित नहीं कर सका।
हालांकि, कानून के रखवालों के पास आरोपी वनपाल श्री. महेंद्र सोलंकी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने के अकाट्य और निर्विवाद सबूत मौजूद हैं। इन ठोस प्रमाणों के आधार पर, एसीबी, पालघर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति को स्पष्ट करते हुए आरोपी वनपाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मांडवी पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 113/2025 दर्ज कर लिया है। इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले की गहन और निष्पक्ष जांच पुलिस उपाधीक्षक श्री. हर्षल चव्हाण के कुशल नेतृत्व में एसीबी की एक विशेष और समर्पित टीम द्वारा की जा रही है। इस साहसिक और सराहनीय कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक श्री. शिवराज पाटिल, अपर पुलिस अधीक्षक श्री. सुहास शिंदे और अपर पुलिस अधीक्षक श्री. संजय गोविलकर जैसे उच्च अधिकारियों का सक्रिय मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। एसीबी, पालघर ने समस्त नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हों और यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी उनसे किसी भी प्रकार के सरकारी कार्य को संपन्न कराने के लिए वैध शुल्क के अतिरिक्त अनुचित लाभ या रिश्वत की मांग करता है, तो वे बिना किसी भय या संकोच के एसीबी से तत्काल संपर्क करें, ताकि भ्रष्टाचार के इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पालघर - संपर्क सूत्र:
दूरभाष क्रमांक: 02525-297297
टोल फ्री क्रमांक: 1064
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