लाडकी बहिन योजना: 2100 रुपये पर विवाद, सरकार ने पलटा वादा!
संवाददाता कन्हैयालाल दुबे
सरकार का यू-टर्न
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 'लाडकी बहिन योजना' ने महायुति के लिए गेम चेंजर का काम किया। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की घोषणा की गई थी, और सरकार बनने के बाद इसे बढ़ाकर 2100 रुपये करने का वादा किया गया था। लेकिन, अब सरकार अपने वादे से पलट रही है। मंत्री नरहरि झिरवल ने कहा कि किसी ने भी 2100 रुपये देने की बात नहीं कही।
आर्थिक तंगी का हवाला
राज्य सरकार अब आर्थिक तंगी का हवाला देकर 2100 रुपये देने से बच रही है। वित्त मंत्री अजित पवार ने पहले कहा था कि वित्तीय बजट देखने के बाद निर्णय लिया जाएगा, लेकिन अब मंत्री इस बात से इनकार कर रहे हैं।
विपक्ष का हमला
सरकार के इस यू-टर्न पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने चुनाव जीतने के लिए झूठे वादे किए और अब उनसे मुकर रही है
अप्रैल की किस्त का इंतजार
फिलहाल, महिलाएं अप्रैल की किस्त का इंतजार कर रही हैं। उन्हें यह भी जानने की उत्सुकता है कि 1500 रुपये कब 2100 रुपये होंगे। हालांकि, सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
1500 रुपये ही काफी: मंत्री
मंत्री नरहरि झिरवल ने कहा कि लाडकी बहनों के लिए 1500 रुपये ही काफी हैं और वे खुश हैं। उन्होंने कहा कि 2100 रुपये देने का कोई जिक्र नहीं था।
अप्रैल की किस्त जल्द: अदिति तटकरे
अदिति तटकरे ने बताया कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना की अप्रैल की किस्त महीने के अंत से पहले मिल जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है और केवल उन महिलाओं को राशि दी जाती है जिनके परिवार की आय 2.5 लाख रुपये से कम है।
टिप्पणियाँ