नालासोपारा में भव्य रामनवमी यात्रा सम्पन्न, हिन्दू-मुस्लिम एकता का दिखा अद्भुत संगम
नालासोपारा (पूर्व): पालघर जिले में नालासोपारा पूर्व के अवधूत आश्रम से संतोष भवन तक भव्य रामनवमी यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में रामभक्त उत्साहपूर्वक शामिल हुए। भगवान राम के जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर आयोजित इस यात्रा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बोइसर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक विलास तरे सहित क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्ति जैसे अभिषेक सिंह, नीलेश मौर्या, प्रदीप मिश्रा, शिवकुमार पाण्डेय, अमित दुबे, संदीप दुबे, संदीप मिश्रा, समाजसेवी कैलाश मिश्रा, अमित मिश्रा, सकील शेख और नूर खान भी इस शोभायात्रा में उपस्थित रहे और उन्होंने रामभक्तों का उत्साहवर्धन किया।
इस वर्ष की रामनवमी यात्रा एक विशेष कारण से और भी यादगार बन गई। जहाँ एक ओर हिन्दू श्रद्धालु भगवान राम की भक्ति में लीन होकर शोभायात्रा में शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी भाईचारे का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। वाकनपाड़ा, धानीव बाग और अन्य कई स्थानों पर मुस्लिम भाइयों ने बढ़-चढ़कर रामभक्तों के लिए जलपान की व्यवस्था की। इस सद्भावपूर्ण पहल ने सामाजिक समरसता और एकता का एक मजबूत संदेश दिया, जिसकी सर्वत्र सराहना हो रही है।
अवधूत आश्रम से शुरू हुई यह भव्य यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई संतोष भवन तक शांतिपूर्वक संपन्न हुई। यात्रा में शामिल श्रद्धालु ट्रक, चार पहिया वाहन, मोटरसाइकिल और पैदल चलकर भगवान राम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे थे। बच्चे, बूढ़े और जवान सभी रामभक्ति के रंग में रंगे हुए थे और उनके चेहरों पर खुशी स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पेल्हार पुलिस प्रशासन, वालिव पुलिस प्रशासन और तुलिंज पुलिस प्रशासन ने सराहनीय कार्य किया। अवधूत आश्रम से लेकर संतोष भवन तक भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिसके कारण यात्रा बिना किसी विघ्न के शांतिपूर्वक संपन्न हो सकी। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी ने यह सुनिश्चित किया कि हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस भव्य रामनवमी यात्रा की सफलता में आयोजकों और स्वयंसेवकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सुचारू रूप से व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कुल मिलाकर, नालासोपारा में संपन्न हुई यह रामनवमी यात्रा न केवल धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक रही, बल्कि इसने हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के बीच आपसी प्रेम और सौहार्द की एक मजबूत नींव भी रखी। इस वर्ष की यात्रा सामाजिक एकता और भाईचारे के संदेश के साथ हमेशा याद की जाएगी।
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