वसई-विरार में जल संकट गहराया: वाहनों की धुलाई पर प्रतिबंध की मांग, उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
संवाददाता कन्हैयालाल दुबे
मुख्य बातें:
* भीषण गर्मी और घटता जलस्तर: वसई-विरार में जल संकट की आहट, बांधों और कुओं का जलस्तर चिंताजनक रूप से कम।
* वाहनों की धुलाई पर प्रतिबंध की मांग: महानगरपालिका स्थायी समिति सदस्य किशोर पाटिल ने सभी सर्विस सेंटरों पर वाहनों की धुलाई रोकने का किया आग्रह।
* ठाणे मनपा के नियमों का हवाला: वसई-विरार में भी 16 अप्रैल से 10 जून तक समान नियम लागू करने की मांग।
* नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी: महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम के तहत दोषी सेवा केंद्रों पर दंडात्मक कार्रवाई का सुझाव।
* जलापूर्ति में बाधा: हालिया बिजली कटौती से जलापूर्ति प्रभावित, नागरिकों को झेलनी पड़ी परेशानी।
* ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों पर शिकंजा: भारी जल उपयोग और प्रदूषण फैलाने वाले सेंटरों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप।
* MPCB नियमों की अनदेखी: कई सर्विस सेंटरों द्वारा सहमति पत्र न लेने और प्रदूषण नियंत्रण उपाय न करने का दावा।
* तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता: किशोर पाटिल ने जल संरक्षण के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने का किया आह्वान।
विरार: वसई-विरार शहर में गर्मी के तेवर तीखे होते ही जल संकट गहराने लगा है। पानी की आपूर्ति करने वाले बांधों में पानी का भंडारण तेजी से घट रहा है, वहीं कुओं और बोरवेलों का जलस्तर भी चिंताजनक स्तर तक पहुंच गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) स्थायी समिति के सदस्य किशोर नाना पाटिल ने एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने शहर के सभी ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों पर दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया और अन्य वाहनों की धुलाई और सफाई गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है।
किशोर पाटिल ने इस संबंध में VVMC प्रशासन को एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें उन्होंने पड़ोसी शहर ठाणे महानगरपालिका द्वारा 16 अप्रैल से 10 जून तक लागू किए गए समान प्रतिबंधों का हवाला दिया है। उनकी मांग है कि वसई-विरार मनपा भी बिना किसी देरी के इसी तरह के नियम लागू करे ताकि बहुमूल्य जल संसाधनों को बचाया जा सके। उन्होंने महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की सुसंगत धाराओं का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सर्विस सेंटरों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि प्रतिबंध का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
हाल के दिनों में वसई-विरार की जलापूर्ति व्यवस्था भी चुनौतियों से घिरी रही है। सूर्या जलापूर्ति परियोजना में आई बिजली की बाधाओं के कारण कई दिनों तक पानी की आपूर्ति बाधित रही, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। गर्मी के मौसम में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए, यह आवश्यक है कि जल संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। किशोर पाटिल ने ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों द्वारा किए जा रहे पानी के अंधाधुंध उपयोग पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि ये सेंटर बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग वाहनों की धुलाई में करते हैं और अक्सर इस्तेमाल किए गए पानी का पुनर्चक्रण नहीं करते हैं, जिससे बहुमूल्य जल बर्बाद होता है।
इसके अतिरिक्त, किशोर पाटिल ने आरोप लगाया है कि वसई-विरार में कई ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) के नियमों का भी उल्लंघन कर रहे हैं। नियमानुसार, इन सेंटरों को MPCB से सहमति पत्र प्राप्त करना और उचित प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली स्थापित करना अनिवार्य है, लेकिन कई सेंटर बिना अनुमति के चल रहे हैं और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि VVMC प्रशासन ऐसे सभी नियमों का उल्लंघन करने वाले सर्विस सेंटरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे, जिसमें जुर्माना और आवश्यकतानुसार लाइसेंस रद्द करना भी शामिल हो सकता है। उन्होंने जल संकट की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।
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