पालघर पुलिस का अभूतपूर्व कदम: ड्रोन से अभेद्य होगी समुद्री सीमा

संवाददाता कन्हैयालाल दुबे 

अरब सागर में संदिग्ध गतिविधियों पर अब ड्रोन की पैनी नजर
पालघर पुलिस ने तटीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया है। राज्य सरकार के मत्स्य विभाग से प्राप्त दो अत्याधुनिक ड्रोन की तैनाती के साथ, अब अरब सागर में संदिग्ध गतिविधियों पर अचूक निगरानी रखी जा सकेगी।
                  pic credit: hanif patel
तकनीक का कुशल उपयोग: ड्रोन बनेंगे सुरक्षा कवच
पालघर के पुलिस अधीक्षक, श्री बालासाहेब पाटिल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ड्रोन समुद्री निगरानी में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। मत्स्य विभाग द्वारा प्रदत्त इन दो ड्रोन की सहायता से पुलिस अब अवैध नौकाओं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का कुशलतापूर्वक पता लगाने में सक्षम होगी। इन उच्च-तकनीकी उपकरणों के संचालन के लिए पुलिस ने विशेष रूप से प्रशिक्षित विशेषज्ञों की एक टीम भी गठित की है।
गश्ती नौकाओं की कमी के बावजूद सुरक्षा में कोई कमी नहीं
वर्तमान में पालघर पुलिस के पास चार गश्ती नौकाएँ हैं, जिनमें से केवल एक ही परिचालन में है और शेष मरम्मत की प्रक्रिया में हैं। इस चुनौती के बावजूद, विरार और दहानू के बीच लगभग 81 किलोमीटर लंबी विस्तृत तटरेखा की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन तकनीक का अभिनव प्रयोग किया जा रहा है।
मुंबई महानगर क्षेत्र में अग्रणी: पालघर पुलिस का प्रगतिशील दृष्टिकोण
यह गौरव की बात है कि पालघर पुलिस मुंबई महानगर क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने वाली पहली कानून प्रवर्तन एजेंसी बन गई है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दुर्भाग्यपूर्ण आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से, गश्ती नौकाओं की अस्थायी अनुपलब्धता के बावजूद, मानव रहित हवाई वाहनों के माध्यम से समुद्री गश्त का यह साहसिक निर्णय लिया गया है।
उच्च अलर्ट और समन्वित प्रयास: सुरक्षा सर्वोपरि
पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद, पूरे देश में पुलिस को उच्च स्तर की सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़कों और तटीय क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। एसपी पाटिल ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, "ये अत्याधुनिक ड्रोन समुद्र में 50 समुद्री मील से अधिक की दूरी तक उड़ान भर सकते हैं, जिससे हम 81 किलोमीटर के विशाल क्षेत्र की प्रभावी निगरानी कर पा रहे हैं। हम नियमित रूप से हर आठ घंटे में इनकी बैकअप बैटरी भी बदलते हैं। ये उन्नत ड्रोन अत्यंत आसानी से किसी भी नाव का पता लगाने में सक्षम हैं। पहलगाम हमले के बाद, हमने विरार से दहानू तक के चार महत्वपूर्ण बिंदुओं - केलवा, दहानू, सतपति और दतिवरे पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया है। हमें तटरक्षक बल और स्थानीय मछुआरों की नौकाओं सहित निजी नावों से भी बहुमूल्य सहयोग प्राप्त हो रहा है।"
आधुनिक नौकाओं की आस और जन जागरूकता पर जोर
पालघर पुलिस को शीघ्र ही दो और उन्नत गश्ती नौकाएँ प्राप्त होने की उम्मीद है, जिसके लिए सरकार द्वारा आवश्यक धनराशि आवंटित कर दी गई है। पुलिस और तटरक्षक बल के साथ-साथ, मत्स्य विभाग, महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड और सीमा शुल्क विभाग भी समुद्री मार्गों पर निरंतर गश्त कर रहे हैं। लैंडिंग पॉइंट्स और तटीय चौकियों पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी अधिक बढ़ा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने एक व्यापक जन जागरूकता अभियान भी शुरू किया है, जिसमें सभी नागरिकों से किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। यह समन्वित प्रयास पालघर की समुद्री सीमाओं को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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