प्रयागराज: अंडरग्राउंड पाइपलाइन में सेंध लगाकर चुराया लाखों का तेल, चार गिरफ्तार
प्रयागराज। हाईटेक हो रहे बदमाशों ने भी अब अपराध भी हाईटेक तरीके से करना शुरू कर दिया है और इसका ताजा मामला यूपी के प्रयागराज शहर में सामने आया है। यहां बदमाशों के एक गिरोह ने अंडरग्राउंड पाइपलाइन से तेल चुराने का ऐसा नायाब तरीका खोज लिया था, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान है। गिरोह के नए तरीके से हर दिन इंडियन ऑयल कारपोरेशन को लाखों रुपए की चपत लग रही थी और किसी को भनक तक नहीं लग रही थी। यहां करछना इलाके में रौनी कानपुर पाइपलाइन में सेंध लगाई गई थी। बदमाश चुपचाप आते, एक पाइप में नोजल किट की टोटी खोलते और डीजल भरकर चले जाते। यह किसी पानी के नल की तरह था, कि टोटी खोल कर जरूरत भर का माल निकालते फिर टोटी बंद फरार हो जाते। हालांकि, ग्रामीणों की जागरूकता से मामला अब खुल गया है, लेकिन तब तक 15 दिनों में बड़े पैमाने पर इस गिरोह से लाखों रुपए का तेल गायब कर पेट्रोल पंपों पर बेच दिया है।
कैसे करते थे चोरी
प्रयागराज शहर के कछना इलाके से इंडियन ऑयल कारपोरेशन की बरौनी-कानपुर पाइपलाइन अंडरग्राउंड रूप से गई है। यह पाइपलाइन 745 किमी लंबी है। बदमाशों ने करछना थाना क्षेत्र के गधियांव गांव के पास रेलवे ट्रैक के बगल से डीजल चोरी करने का प्लान बनाया और यहां रेकी के बाद पाइप लाइन के बगल खोदाई की। बदमाशों ने ड्रिलिंग मशीन से पाइप लाइन में ड्रिलिंग की और उसमें एक साइफर लगा दिया। साइफन से एक पाईप जोड़ी गयी और उसे गड्ढे से बाहर ले आया गया। पाइप के किनारे नोजल टोटी लगाई गयी और फिर गड्ढे को मिट्टी से ढंक दिया गया, जिससे कि लोगों को शक न हो । इसके बाद हर रोज गिरोह के सदस्य ड्रम लदा पिकअप वहां लेकर जाते। जमीन में छिपाई पाईप को बाहर निकालते और नाजुल टोटी को आन कर ड्रम में रख देते। ड्रम में लगभग हर रोज 2 हजार लीटर तेल भरा जाता और फिर नाजुल टोटी आफ कर पाइप को छिपा देते। इससे तेल की सप्लाई कुछ ही मिनट में दुबारा सामान्य हो जाती और तेल चोरी होने की भनक कंपनी के टेक्निकल टीम को भी नहीं लग पा रही थी। यह क्रम पिछले 15 दिनों से लगातार चल रहा था। इस दौरान ग्रामीणों ने रोज पिकप वाहन और ड्रम देखा तो उन्हें शक हुआ और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
ग्रामीणों ने पकड़वाया
ग्रामीणों की जागरुकता पर 20 जुलाई को जब घटनास्थल से पुलिस ने पिकअप बरामद की तो पुलिस उसके मालिक जौनपुर के बृजेश जायसवाल के घर पहुंची। बृजेश ने गौरव व सौरभ द्वारा बुंकिंग की बात बताई तो पुलिस ने इन दोनों को को उठाया तो पूरा मामला खुलता चला गया। पुलिस गिरोह के पीछे पडी तो मुखबिर की सूचना पर करछना इलाके में घेराबंदी कर गिरोह के चार लोगों को पकड़ लिया, जबकि मौके से अन्य लोग भाग निकले।
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चार लोग भेजे गए जेल
गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर इस हाईटेक चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बेहद ही शातिर है और इसमें 10 लोग शामिल हैं। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, बाकी की तलाश के लिये टीमें लगाई गई हैं। गिरफ्तार बदमाशों के पास से दो हजार लीटर डीजल, एक पिकअप वाहन व 66 हजार नकद बरामद किया गया है। यह नगदी उन्हें पेट्रोल पंप पर डीजल बेच कर मिली थी। इस मामले में इंडियन ऑयल के असिस्टेंट मैनेजर विनय कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी यमुनापार दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि इस गिरोह में कुल 10 सदस्य में से चार को पकड़ा गया है। हालांकि, अभी सरगना संतोष सिंह समेत छह लोग फरार हैं। पकड़े गए सदस्यों गौरव शर्मा, अनिल यादव, अनिल हरिजन, जय प्रकाश राय शामिल हैं। जबकि फरार लोगों में संतोष उर्फ पप्पू उर्फ विस्सू सिंह, रत्नेश सिंह निवासी करछना, सौरभ शर्मा, रिंकू राय, सिंटू राय, राहुल कुशवाहा शामिल है।
ऐसे बना गैंग
पुलिस के अनुसार, इस गैंग का सरगना संतोष मुंबई में एक पेट्रोल पंप पर काम करता था, वहीं से उसे इस खेल के बारे में जानकारी हाथ लगी तो उसने गैंग बनाने का निर्णय लिया और गांव लौट आया। यहां उसने मिस़्त्री के तौर पर काम करने वाले रिंकू, सिंटू व राहुल को गैग में शामिल किया। जो पाइप लाइन में लगने वाले उपकरणों को फिट करने में एक्सपर्ट थे। इसके बाद पिकअप गाड़ी के लिए अनिल यादव व अनिल हरिजन नाम के दो ड्राइवरों को अपने साथ ले लिया। फिर घटना वाले गांव के गौरव, सौरभ व रत्नेश को शमिल कर पाइप लाइन की लोकेशन व रेकी के लिये इस्तेमाल किया गया। जबकि बस का संविदा चालक जयप्रकाश को भी शामिल किया गया, क्योंकि उसकी पहचान पेट्रोलपंप पर थी और वह आसानी से डीजल बेंच लेते।
कैसे करते थे चोरी
प्रयागराज शहर के कछना इलाके से इंडियन ऑयल कारपोरेशन की बरौनी-कानपुर पाइपलाइन अंडरग्राउंड रूप से गई है। यह पाइपलाइन 745 किमी लंबी है। बदमाशों ने करछना थाना क्षेत्र के गधियांव गांव के पास रेलवे ट्रैक के बगल से डीजल चोरी करने का प्लान बनाया और यहां रेकी के बाद पाइप लाइन के बगल खोदाई की। बदमाशों ने ड्रिलिंग मशीन से पाइप लाइन में ड्रिलिंग की और उसमें एक साइफर लगा दिया। साइफन से एक पाईप जोड़ी गयी और उसे गड्ढे से बाहर ले आया गया। पाइप के किनारे नोजल टोटी लगाई गयी और फिर गड्ढे को मिट्टी से ढंक दिया गया, जिससे कि लोगों को शक न हो । इसके बाद हर रोज गिरोह के सदस्य ड्रम लदा पिकअप वहां लेकर जाते। जमीन में छिपाई पाईप को बाहर निकालते और नाजुल टोटी को आन कर ड्रम में रख देते। ड्रम में लगभग हर रोज 2 हजार लीटर तेल भरा जाता और फिर नाजुल टोटी आफ कर पाइप को छिपा देते। इससे तेल की सप्लाई कुछ ही मिनट में दुबारा सामान्य हो जाती और तेल चोरी होने की भनक कंपनी के टेक्निकल टीम को भी नहीं लग पा रही थी। यह क्रम पिछले 15 दिनों से लगातार चल रहा था। इस दौरान ग्रामीणों ने रोज पिकप वाहन और ड्रम देखा तो उन्हें शक हुआ और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
ग्रामीणों ने पकड़वाया
ग्रामीणों की जागरुकता पर 20 जुलाई को जब घटनास्थल से पुलिस ने पिकअप बरामद की तो पुलिस उसके मालिक जौनपुर के बृजेश जायसवाल के घर पहुंची। बृजेश ने गौरव व सौरभ द्वारा बुंकिंग की बात बताई तो पुलिस ने इन दोनों को को उठाया तो पूरा मामला खुलता चला गया। पुलिस गिरोह के पीछे पडी तो मुखबिर की सूचना पर करछना इलाके में घेराबंदी कर गिरोह के चार लोगों को पकड़ लिया, जबकि मौके से अन्य लोग भाग निकले।
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चार लोग भेजे गए जेल
गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर इस हाईटेक चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बेहद ही शातिर है और इसमें 10 लोग शामिल हैं। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, बाकी की तलाश के लिये टीमें लगाई गई हैं। गिरफ्तार बदमाशों के पास से दो हजार लीटर डीजल, एक पिकअप वाहन व 66 हजार नकद बरामद किया गया है। यह नगदी उन्हें पेट्रोल पंप पर डीजल बेच कर मिली थी। इस मामले में इंडियन ऑयल के असिस्टेंट मैनेजर विनय कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी यमुनापार दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि इस गिरोह में कुल 10 सदस्य में से चार को पकड़ा गया है। हालांकि, अभी सरगना संतोष सिंह समेत छह लोग फरार हैं। पकड़े गए सदस्यों गौरव शर्मा, अनिल यादव, अनिल हरिजन, जय प्रकाश राय शामिल हैं। जबकि फरार लोगों में संतोष उर्फ पप्पू उर्फ विस्सू सिंह, रत्नेश सिंह निवासी करछना, सौरभ शर्मा, रिंकू राय, सिंटू राय, राहुल कुशवाहा शामिल है।
ऐसे बना गैंग
पुलिस के अनुसार, इस गैंग का सरगना संतोष मुंबई में एक पेट्रोल पंप पर काम करता था, वहीं से उसे इस खेल के बारे में जानकारी हाथ लगी तो उसने गैंग बनाने का निर्णय लिया और गांव लौट आया। यहां उसने मिस़्त्री के तौर पर काम करने वाले रिंकू, सिंटू व राहुल को गैग में शामिल किया। जो पाइप लाइन में लगने वाले उपकरणों को फिट करने में एक्सपर्ट थे। इसके बाद पिकअप गाड़ी के लिए अनिल यादव व अनिल हरिजन नाम के दो ड्राइवरों को अपने साथ ले लिया। फिर घटना वाले गांव के गौरव, सौरभ व रत्नेश को शमिल कर पाइप लाइन की लोकेशन व रेकी के लिये इस्तेमाल किया गया। जबकि बस का संविदा चालक जयप्रकाश को भी शामिल किया गया, क्योंकि उसकी पहचान पेट्रोलपंप पर थी और वह आसानी से डीजल बेंच लेते।

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