वाराणसी : तेज रफ्तार कार उछल कर गिरी 100 फीट दूर, दो दोस्तों की मौत और दो घायल
वाराणसी के दांदूपुर के समीप रिंग रोड पर गुरुवार की रात डेढ़ बजे के लगभग तेज रफ्तार अनियंत्रित कार पलट कर उछलते हुए सौ फीट दूर जा गिरी। हादसे में हिमांशु पांडेय(25) की मौके पर ही मौत हो गई और उसके दोस्त सर्वेश पटेल(20) और विजय पटेल(25) को अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके बाद, लगभग 12 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर हिमांशु के एक अन्य दोस्त करन गोस्वामी(26) का शव घटनास्थल से सौ फीट दूर स्थित पोखरी से बाहर निकाला गया। सूचना पाकर करन के परिजनों ने उसकी हत्या और पुलिस के ढुलमुल रवैये का आरोप लगाते हुए रिंग रोड ओवरब्रिज के नीचे भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया और वाहनों को रुकवाने लगे। पुलिस ने मना किया तो कुछ लोग पत्थर फेंकने लगे।
इस पर पुलिस ने दौड़ा कर लाठी भांजते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ कैंट ने सभी को समझा-बुझाकर समझाया कि पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी तो लोग शांत हुए और आवागमन शुरू हुआ।
चोलापुर थाना के गोसाईपुर (कटहलगंज) निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी केशव पांडेय का पुत्र हिमांशु अपनी इंडिगो स्पोर्ट्स कार से भुसौला गांव निवासी करन, सर्वेश और विजय के साथ वाराणसी की ओर किसी ढाबे में पार्टी के लिए गया था। वापसी के दौरान कार, करन चला रहा था और हिमांशु उसके बगल में बैठा था। वहीं, सर्वेश और विजय पीछे की सीट पर बैठे थे।
इसके बाद, लगभग 12 घंटे बाद शुक्रवार दोपहर हिमांशु के एक अन्य दोस्त करन गोस्वामी(26) का शव घटनास्थल से सौ फीट दूर स्थित पोखरी से बाहर निकाला गया। सूचना पाकर करन के परिजनों ने उसकी हत्या और पुलिस के ढुलमुल रवैये का आरोप लगाते हुए रिंग रोड ओवरब्रिज के नीचे भोजूबीर-सिंधोरा मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया और वाहनों को रुकवाने लगे। पुलिस ने मना किया तो कुछ लोग पत्थर फेंकने लगे।
इस पर पुलिस ने दौड़ा कर लाठी भांजते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ कैंट ने सभी को समझा-बुझाकर समझाया कि पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी तो लोग शांत हुए और आवागमन शुरू हुआ।
चोलापुर थाना के गोसाईपुर (कटहलगंज) निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी केशव पांडेय का पुत्र हिमांशु अपनी इंडिगो स्पोर्ट्स कार से भुसौला गांव निवासी करन, सर्वेश और विजय के साथ वाराणसी की ओर किसी ढाबे में पार्टी के लिए गया था। वापसी के दौरान कार, करन चला रहा था और हिमांशु उसके बगल में बैठा था। वहीं, सर्वेश और विजय पीछे की सीट पर बैठे थे।

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