आरपीएफ की ऐ भूमिका, मानवतावादी दर्पण…
मुबंई तथा आसपास के उपनगरों में हो रही बरसात के कारण जहां आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण लोकल तथा एक्सप्रेस ट्रेनों पर इसका असर देखने को मिला। जिसके चलते कई ट्रेने लेट रही तथा कुछ ट्रेनें रद्द भी हुई। गौरतलब है कि कुर्ला में रेलवे ट्रैक पर जल भराव हो जाने के कारण सोमवार की रात करीब 11:20 पर एर्नाकुलम एक्सप्रेस दिवा स्टेशन पर आकर रुक गई। पूरी रात ट्रेन दिवा स्टेशन पर खड़ी रही। मंगलवार की सुबह उक्त ट्रेन को गतंव्य स्थान के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पूरे 12 घंटे दिवा में एर्नाकुलम एक्सप्रेस ट्रेन खड़ी रही। मंगलवार की सुबह दिवा आरपीएफ के सीनियर पीआई आर.एस. मीना ने अपने स्टाफ के साथ ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को चाय नाश्ता व बिस्किट वितरित किया।
इस दौरान सीनियर पीआई आर.एस.मीना, उपनिरीक्षक विनोद मोरे, एसआई एच. बी.पाटिल, आरक्षक पीके अत्री, सोनू मालवदे के साथआरपीएफ के अन्य जवान भी मौजूद थे। एर्नाकुलम ट्रेन में मौजूद टीटी संदेश भानुशाली, यात्रियों को खाना नाश्ता आदि की सुविधा मुहैया कराए। रविवार की रात 11:30 एर्नाकुलम से मुबंई आने वाली दूरंतो एक्सप्रेस सोमवार की रात 11:50 के आसपास कुर्ला टर्मिनस पहुंचती है। बरसात के कारण पटरियों पर पानी भर जाने के कारण लोकल तथा एक्सप्रेस ट्रेनों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ा। जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उक्त एक्सप्रेस ट्रेन में कई यात्री बुजुर्ग व विकंलाग भी थे। जिन्हें अंधेरी तथा भायखला सहित आसपास के उपनगरों में जाना था। दिवा आरपीएफ स्टाफ ने यात्रियों की मदद करते हुए जहां सुबह से उनको चाय नाश्ते बिस्किट आदि का प्रबंध किया। वहीं परिजनों की मदद से यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेन से उतारकर लोकल में भी बैठवाए। ताकि लोग अपने घर पर जल्दी पहुंच सके। उक्त ट्रेन के बी -4 कोच में सफर कर रहे भायखला की रहने वाले अशोक झगड़े के परिवार वालों ने बताया कि हम लोग रत्नागिरी से आ रहे हैंं। दिवा में रात 11:20 से गाड़ी आकर रुकी है। ट्रेन में मौजूद टीटी व आरपीएफ जवानों ने हम सभी लोगों की भरपूर मदद की। सुबह व रात के समय खाना चाय बिस्किट नाश्ते आदि का प्रबंध कराया। आखिरकार यात्रियों को कहना पड़ा कि आरपीएफ की ऐ भूमिका मानवतावादी दर्पण है।


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