मीरजापुर में जल संचय योजना की मानिटरिंग करेगा केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय Mirzapur news
जल ही जीवन है देखने में तो बहुत ही छोटी सी लाइन है लेकिन इस लाइन का महत्व उन लोगों को मालूम है जहां के लोग वर्तमान दौर में पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।...
मीरजापुर। जल ही जीवन है, देखने में तो बहुत ही छोटी सी लाइन है, लेकिन इस लाइन का महत्व उन लोगों को मालूम है, जहां के लोग वर्तमान दौर में पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। वर्तमान समय में कहीं पानी की बर्बादी हो रही है तो कहीं लोग एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। पानी की समस्या की महत्ता को केंद्र सरकार द्वारा भलीभांति समझा जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा देश के 256 जिलों में जल संचय अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें मीरजापुर जनपद भी एक है। 
केंद्र सरकार द्वारा जल संचयन के लिए उठाए जा रहे कदम और कार्यो की मानिटरिंग केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा सीधे नई दिल्ली से की जा रही है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अभियान के दौरान जनपद में रेन वाटर हारवेस्टिंग, जल संरक्षण, वनीकरण, तालाब, जलाशय आदि के गहरीकरण व सुंदरीकरण, वाटर शेड के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। रेन वाटर हारवेस्टिंग को बढ़ावा देने के साथ ही जल निगमों को पुनर्जीवित और जल संचयन को वृहद जनआंदोलन का रूप देते हुए जन आंदोलन के रूप में चलाने पर फोकस किया जा रहा है।
इन ब्लाकों में है पेयजल समस्या : मीरजापुर जनपद के पहाड़ी ब्लाक, हलिया, लालगंज, मडि़हान, पटेहरा कला, राजगढ़ में पेयजल की काफी किल्लत है। हलिया के लहुरिया दह गांव में तो आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी टैंकर से पानी आपूर्ति होती है।
बोले अधिकारी : पेयजल संकट को लेकर शासन-प्रशासन काफी गंभीर है। इसके लिए लोगों को पानी का महत्व बताते हुए जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही तालाबों की खुदाई, सफाई, गहरीकरण के साथ ही अवैध कब्जे को भी हटवाया जा रहा है। पेयजल संकट के निराकरण के लिए अभियान को जन जन से जोड़ा जा रहा है और पौधरोपण भी कराया जा रहा है।- प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी, मीरजापुर।
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